संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों के ऑनलाइन असेसमेंट टेस्ट लिए गए थे। जिले के कई स्कूलों में इंटरनेट व्यवस्था ठीक न होने के कारण काफी बच्चे इस ऑनलाइन टेस्ट से वंचित रह गए थे। इस असेसमेंट टेस्ट से वंचित बच्चों का अब ऑफलाइन टेस्ट लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से तैयारी कर ली गई है। विभाग ने इसके लिए तीन दिन का समय निर्धारित किया है। शिक्षकों को तीन दिन में यह असेसमेंट टेस्ट करवाना होगा। बता दें कि जिले के तमाम प्राथमिक पाठशालाओं में विभाग की ओर से एप पर ऑनलाइन माध्यम से असेसमेंट टेस्ट लिया गया था। जिले के करीब 600 बच्चे इस असेसमेंट टेस्ट से वंचित रह गए हैं। जिसके बाद विभाग ने इन बच्चों का दोबारा टेस्ट लेने का निर्णय लिया है।
परंतु यह टेस्ट अब ऑफलाइन लिए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने शेड्यूल बनाकर ऐसे स्कूलों को आदेश जारी किया है। शिक्षकों को तीन दिन में बच्चों का असेसमेंट टेस्ट करवाकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जिले में ऑफलाइन टेस्ट देने वाले बच्चों की कुछ संख्या 594 है। जिसमें 592 बच्चों को इसमें शामिल कर लिए गए हैं, जबकि दो कहीं कारण से अनुपस्थित चल रहे हैं।
शिक्षा विभाग की ओर बच्चों के ऑनलाइन असेसमेंट टेस्ट लिए जाते हैं। लेकिन जिले के करीब पांच दर्जन स्कूल ऐसे हैं, जहां पर इंटरनेट की व्यवस्था अच्छी नहीं है। जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या 55 से 60 है। यह स्कूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। अधिकांश स्कूल वह हैं जो हिमाचल प्रदेश के बार्डर पर पहाड़ी व देहात क्षेत्र के हैं।
इन स्कूलों में इंटरनेट की स्पीड बेहद धीमी है। जिस कारण इन स्कूलों में ऑनलाइन असेसमेंट टेस्ट करवाना मुश्किल है। शिक्षकों का कहना है कि एक एप ओपन होने में यहां पर पांच से सात मिनट तक लग जाते हैं। अब विभाग की ओर से इन स्कूलों में ऑफलाइन टेस्ट लिए जाएंगे।
इसके अलावा शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी होने के कारण भी कई स्कूलों में असेसमेंट टेस्ट नहीं लिए जा सकेंगे। जिले में पहले ही शिक्षकों की कमी है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक है, ऐसे में बच्चों के असेसमेंट टेस्ट लेना संभव नहीं था। ऐसे स्कूलों में भी ऑफलाइन असेसमेंट टेस्ट लिए जाएंगे। वहीं इस ऑफलाइन टेस्ट में उन बच्चों को शामिल किया गया है जो टेस्ट के दौरान अनुपस्थित थे।
विभाग की ओर से बच्चों के ऑनलाइन असेसमेंट टेस्ट लिए गए थे। परंतु कई स्कूलों में इंटरनेट स्पीड धीमी होने के कारण यह टेस्ट नहीं हो पाए। वहीं, शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी के चलते भी टेस्ट नहीं हो पाए थे। ऐसे स्कूलों में तीन दिन में असेसमेंट टेस्ट करवाए जाएंगे। - संजीव सैनी, एफएलएन समन्वयक।