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Yamuna Nagar News: डेंगू के साथ चिकनगुनिया की एंट्री, तीन मरीज मिले

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शहर में लोगों के रक्त के नमूने लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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यमुनानगर। डेंगू के साथ अब चिकनगुनिया भी स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ाने वाला है। बुधवार को शहर में चिकनगुनिया के तीन मरीज मिले हैं। इनमें मुखर्जी पार्क में 39 साल की महिला और 40 साल का पुरुष और नालागढ़ की माजरी में 40 साल का व्यक्ति शामिल है।
तीन मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घरों का जायजा लिया। विभाग ने उनका उपचार शुरू कर दिया है। साथ ही मरीजों के परिजनों के भी सैंपल लिए हैं। वहीं, जिन घरों में चिकनगुनिया के मरीज मिले हैं और उनके आसपास फॉगिंग कराई जाएगी, जिससे कि बीमारी को रोका जा सके। राहत की बात यह रही कि बुधवार को जिले में डेंगू का कोई नया केस नहीं मिला। एक दिन पहले डेंगू के एक साथ पांच केस मिले थे।
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चिकनगुनिया एक वायरस है जो संक्रमित मादा मच्छर के काटने से होता है। चिकनगुनिया का प्रसार आमतौर पर घर के बाहर और दिन के समय में होता है। खासकर, तड़के या दोपहर बाद अंधेरा होने से पहले मच्छर बहुत ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसीलिए इस समय चिकनगुनिया बहुत तेज़ी से फैलता है। डॉक्टरों के अनुसार अक्सर चिकनगुनिया के लक्षणों को लोग मच्छरों की वजह से होने वाली अन्य बीमारियों जैसे मलेरिया और डेंगू के लक्षण मान लेते हैं, लेकिन इनका प्रभाव शरीर पर अलग तरीके से होता है।
चिकनगुनिया होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या नहीं घटती। चिकनगुनिया के मच्छर दिन के समय और स्वस्थ पानी में पनपते है। साफ सफाई की कमी, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, संक्रमण वाले स्थानों में रहने और वहां की यात्रा करने से और रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना चिकनगुनिया का खतरा बढ़ाता है।

चिकनगुनिया के ये हैं लक्षण :
इस वायरल से संक्रमित की पहचान तेज बुखार के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द से होती है। इसके अलावा सिर दर्द, चक्कर, थकान और उल्टी होने जैसी समस्याएं भी इसके अन्य लक्षण होते हैं। आमतौर पर मच्छर काटने के तीन से सात दिनों के बीच चिकनगुनिया की शुरुआत होती है।
तरल पदार्थों का करें सेवन:
यदि चिकनगुनिया हो तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसीलिए मरीज़ को अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके। सूप, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करना चाहिए। वहीं विटामिन-सी युक्त फल रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर इंफेक्शन से लड़ने के लिए शरीर की क्षमता बढ़ाते हैं। संतरा, अमरूद और नींबू का सेवन इसमें लाभकारी होता है।
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अभी तक तीन मरीज मिले हैं : सुशीला
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि शहर में दो जगह चिकनगुनिया के तीन मरीज मिले हैं। चिकनगुनिया व डेंगू के लक्षण एक जैसे ही हैं। इसलिए बुुखार या अन्य लक्षण होने पर लापरवाही बिल्कुल भी नहीं बरतनी चाहिए। तुरंत डॉक्टर के पास जाकर से उपचार कराना चाहिए। डेंगू के मरीजों पर भी नजर रखी जा रही है। लोग अपने घरों के अंदर पानी जमा न होने दें।
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