यमुनानगर। जिलेभर में रविवार को छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया। व्रतधारी महिलाओं ने करीब शाम सवा पांच बजे पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य देकर मन्नत मांगी। महिलाओं सहित पूर्वोत्तर राज्यों के हजारों लोगों ने भी छठ मईया का विधिवत पूजन किया। सबसे ज्यादा श्रद्धालु बाडीमाजरा पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर किनारे जुटे। बाडीमाजरा पुल पर पूर्वांचल कल्याण सभा और हमीदा हेड पर पूर्वोत्तर मानव कल्याण समिति द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोनों जगह बतौर मुख्यातिथि के रूप में यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा मौजूद रहे।
उन्होंने सभी को छठ पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे देश में मनाया जाता है वहीं, जिले में भी हजारों लोग इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। मौके पर पूर्वांचल कल्याण सभा के प्रधान नर्वदेश्वर त्रिपाठी, पदाधिकारी ब्रिजभान सिंह, राजेश श्रीवास्तव, उमेश प्रसाद, आर रक्षित व एके उपाध्याय व पूर्वोत्तर मानव कल्याण समिति के प्रधान परमानंद यादव, महासचिव जोगिंद्र गुप्ता व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। शाम सात बजे तक हजारों श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य का अर्घ्य देकर मन्नतें मांगी और विधिवत पूजन किया। इसी तरह सोमवार अलसुबह से श्रद्धालु यमुना किनारे जुट जाएंगे व उगते सूर्य को अर्घ्य देकर विधिवत पूजन करेंगे।
इन स्थानों पर भी हुए विशेष आयोजन:
बाडीमाजरा पुल के अलावा पुराना फतेहपुर पुल, बुडिया पुल, चिट्टा मंदिर और हमीदा हेड पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए। पश्चिमी यमुना नहर के किनारों व घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे, जोकि शाम पांच बजे तक आते रहे। देर शाम पूजन को लेकर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से मेले जैसा नजारा बन गया। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा वेदियों पर दीप जलाकर विधिवत पूजन किया गया। इसके उपरांत अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा कर नहर के बहते पानी में जलते दीप प्रवाहित किए गए। इसी तरह सोमवार (आज) उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन और व्रत का समापन किया जाएगा।
खूब बजे ढोल-नगाड़े और हुई आतिशबाजी:
छठ पूजन के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों द्वारा ढोल नगाड़े की थाप पर नाचकर और पटाखे व आतिशबाजी जलाकर पर्व की खुशी मनाई। मन्नत पूरी होने पर परिवारों ने वेदी पर फूल मालाएं चढ़ाकर तो कइयों ने जमीन पर लेटकर आयोजन स्थल तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
प्रशासन ने दिखा चुस्त:
2013 में प्रशासन के लचर इंतजामों के चलते बाड़ीमाजरा पुल पर भगदड़ मच गई थी, लेकिन गनीमत रही कि लोगों को उसमें हल्की चोटें ही आई थी। इस गलती को सुधारते हुए रविवार को प्रशासन चुस्त दिखाई दिया। पुल के दोनों तरफ पुलिस कर्मचारियों के साथ स्काउट के जवान और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य भी तैनात थे। आयोजन स्थल के आसपास वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोके रखा, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कत नहीं हुई। उधर, पुल तंग होने के कारण उस पर से लोगों के आने-जाने के लिए दो हिस्सों में बांट दिया गया। इसके अलावा पुलिस ने जगह-जगह बेरिकेट लगाकर स्थिति पर नियंत्रण रखा। साइकिल तक को बैरिकेट से आगे नहीं जाने दिया गया। मौके पर गोताखोर भी तैनात रहे।