छछरौली। छछरौली अनाज मंडी की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, किंतु हालात वही हैं। गेहूं का सीजन सिर पर है। ऐसे में अभी भी कई जगहों पर बदहाली है, ऐसे में जब किसान अपनी फसल मंडी में लेकर आएंगे तो दशा देख उनके चेहरे पर कैसे खुशहाली आएगी।
अनाज मंडी में सड़कें व फड़ बनाने का कार्य पूरा न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी ऐसी ही है। शौचालयों में साफ सफाई ना होने से बदबू फैल रही है। मतलब मंडी में जहां भी नजर घुमाओ अव्यवस्थाएं हावी हैं, ऐसे में मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। संवाद
मंडी के शौचालयों की हो सफाई
किसान वाजिद ने बताया कि छछरौली मंडी में सबसे बड़ी समस्या शौचालयों में सफाई न होना है। मंडी सीजन में जब किसान अनाज लेकर जाता है तो तोल में देरी होने के कारण दो-दो दिन तक किसान को मंडी में ही रुकना पड़ता है। ऐसे में शौचालयों की सफाई जरूरी है। शौचालय में गंदगी फैली रहती और किसानों को मंडी से बाहर जाना पड़ता है।
उठान व बारदाना समय पर हो
आढ़ती जगमाल सिंह ने बताया छछरौली अनाज मंडी में हर साल उठान व बारदाना की समस्या सामने आती है। हालांकि इस बार बारदाना मंडी पहुंच गया है।अगर उठान भी सही समय पर होता रहे तो मंडी कार्य प्रभावित नहीं होगा। सरकार को गोदाम की व्यवस्था भी करनी चाहिए। राइस मिलरों के पास चावल रखने की जगह नहीं है तो गेहूं कहां पर रखा जाएगा।
भुगतान में होती है देरी
किसान विशाल ने बताया कि मंडी सीजन में हर बार पेमेंट बहुत लेट हो जाती है। जबकि एक किसान बाजार से लिए गए खाद बीज दवाइयां अन्य सामानों का भुगतान सीजन पर ही करता है। मंडी में फसल डालने के बाद भी लंबे समय तक पेमेंट का भुगतान नहीं होता। जिसकी वजह से परेशानी होती है सरकार को समय पर किसानों का भुगतान करना चाहिए।
सफाई व्यवस्था की जा रही दुरुस्त : मंडी सचिव
अनाज मंडी सचिव रिशीराज यादव ने कहा कि मंडी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। पानी की टंकी की सफाई करा दी गई है। मंडी में कैंटीन की सुविधा भी शुरू हो गई है। सड़कें व फड का कार्य अगले एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।