उद्योग व्यापार मंडल ने यमुना मैया बचाओ आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर यमुना नहर की पवित्रता के लिए कवायद शुरू कर दी है। मंडल प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्तल की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें धम्र सिंह कटारिया और प्रशांत मित्तल ने कहा कि पश्चिमी यमुना नहर में विभिन्न नालों के माध्यम से गंदगी गिराई जा रही है।
इसके अलावा नहर पर बने घाटों पर कूडे़-कचरे के ढेर लगे हैं। ऐसे में यहां विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के वक्त लोगाें को ना केवल परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि उनकी आस्था पर गहरी ठेस भी पहुंच रही है। वहीं, यमुना नहर में प्रदूषण अधिक बढ़ने के कारण नहर में रह रहे जीव-जंतु मर रहे हैं।
इसी के कारण मंडल ने यमुना मैया बचाओ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। गौरव मेहरा ने बताया कि आंदोलन के तहत सामाजिक संगठनाें को साथ जोड़ा जाएगा और यमुना नहर के पानी को पवित्र करने के लिए प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की पुरजोर मांग की जाएगी।
महामंत्री हरीश डांग और महामंत्री राकेश वर्मा ने कहा कि यमुना नहर के किनारे पर सफेदे और आम के पेड़ लगाने से भी आसपास नहर में गंदगी को फैलने से रोका जा सकता है। हर्ष ने कहा कि प्रशासन को यमुना नहर पर लगे ट्रीटमेंट प्लांट की जांच करनी चाहिए कि वे सही प्रकार से काम कर रहे हैं या फिर नहीं, यदि नहीं तो उन्हें दुरुस्त किया जाना जरूरी है। मौके पर सह सचिव अभिषेक बठला, प्रशांत मित्तल, आनंद धीमान, मोहित बंसल आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन
मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्तल ने बताया कि मंडल के पदाधिकारियों की ओर से जल्द ही यमुना मैया बचाओ आंदोलन के तहत डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें विशेषकर पश्चिमी यमुना नहर के दूषित हो रहे पानी को साफ किए जाने और यहां के घाटों पर व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग की जाएगी।