संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्पेन का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर कई लोगों से 70 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। आरोप है कि ग्रीस और इटली के फर्जी वीजा भेजे गए। इसके बाद बायोमेट्रिक और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी कराने के बहाने थाईलैंड भेजकर पासपोर्ट भी ले लिए गए। छप्पर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव भंभौली निवासी राज कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि अक्तूबर 2024 में एक रिश्तेदार के माध्यम से उनकी मुलाकात ट्रैवल एजेंट सौरभ तनेजा से हुई थी। आरोपी ने स्पेन का वर्क वीजा दिलाने के लिए प्रति व्यक्ति 8.50 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने खुद को लाइसेंसधारी ट्रैवल एजेंट बताया और अन्य लोगों को भी अपने झांसे में लिया।
राजकुमार ने बताया कि आरोपियों ने पहले ग्रीस का वीजा भेजकर वहां कुछ समय रुकने के बाद स्पेन भेजने का आश्वासन दिया। बाद में श्रीलंका और थाईलैंड के वीजा भी भेजे गए। तीन फरवरी 2026 को थाईलैंड के टिकट दिए गए और अगले दिन पीड़ित वहां रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर कुछ लोगों ने उनके पासपोर्ट ले लिए और जल्द वर्क वीजा मिलने की बात कही।
राजकुमार के अनुसार 10 दिन इंतजार करने के बाद भी वीजा नहीं मिला। आरोपियों ने बाद में इटली का वीजा दिया, जो जांच में फर्जी मिला। पासपोर्ट नहीं मिलने पर उन्होंने आपातकालीन यात्रा दस्तावेज बनवाए और 13 मार्च को भारत लौटे। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद पुलिस ने सौरभ तनेजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। छप्पर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।