पुलिस ने दो मामलों में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि विदेश भेजने के नाम पर न केवल उनसे ठगी की गई बल्कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी दी गई। थाना जठलाना व रादौर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठगी व इमीग्रेशन एक्ट में मामला दर्ज कर लिया।
गृह मंत्री अनिल विज को दी शिकायत में गांव गुमथला राव निवासी सुरजीत सिंह ने बताया कि वह सपरिवार कनाडा जाना चाहता था। एजुवाइन इमीग्रेशन कंस्लटेंट सेक्टर-9 चंडीगढ़ का एमडी आदित्य कुमार गुजरानी व मनप्रीत सिंह को जब उसके कनाडा जाने बारे में पता चला तो वह दोनों उसके गांव में आए। वह कहने लगे कि वे लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। मनप्रीत सिंह उसका पहले से जानकार था। मनप्रीत ने उसे आश्वासन दिया कि आदित्य कुमार गुजरानी उसके सपरिवार कनाडा भेज देगा और उसके रुपये बाद में दे देना। उन पर विश्वास करके उसने अपनी पत्नी व दो बच्चों को विदेश भेजने बारे पूछा तो आरोपियों ने इस पर 22 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। उसने अपना, पत्नी कुलविंद्र कौर, बेटी रमनदीप कौर व बेटे हर्षित का पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज मनप्रीत को दे दिए। आदित्य कुमार ने उससे दो लाख 20 हजार रुपये एडवांस मांगे। उसने 25 अप्रैल 2022 को उसके बताए खाते में जमा करवा दिए। लेकिन उक्त आरोपियों ने वीजा को लेकर कोई बात नहीं की। संपर्क करने पर आदित्य ने कहा कि उसके पास आपके दो लाख 10 हजार रुपये आए हैं। वह उसे दो लाख 10 हजार रुपये वापस की एप्लीकेशन दे और 10 हजार रुपये मनप्रीत से ले। उसने रुपये वापस लेने के लिए एप्लीकेशन दी। आरोपी कुछ समय बाद सारे रुपये व दस्तावेज जल्द देने की बात कहने लगे। लेकिन आदित्य कुमार व मनप्रीत सिंह उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। वह धमकी देने लगे कि यदि उनके खिलाफ शिकायत दी तो उसे जान से मरवा देंगे और उसके परिवार को कभी विदेश जाने नहीं देंगे।
गांव नाहरपुर निवासी जेबीटी नीरज कुमार ने बताया कि विदेश जाने के लिए उसने स्काई हाई अब्रॉड कंस्लटेंट प्राइवेट लिमिटेड चंडीगढ़ से संपर्क किया तो उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा। जिसकी एवज में उससे 11 हजार 800 रुपये लिए गए। उसके बाद स्पॉसर मंगवाने के लिए 29800 रुपये फीस ली गई। कुछ दिनों बाद उसे चंडीगढ़ कार्यालय बुलाया और उसे एक फर्जी स्पॉसर दिखाई। जब उसने फोटो काफी मांगी तो वह उसे देने से मना करने लगे। लंबे समय तक जब उसका वीजा नहीं आया तो कंपनी टालमटोल करने लगी। बार-बार फोन करने पर उसे एक बार फिर से चंडीगढ़ बुलाया गया और बताया गया कि उसका वीजा रिफ्यूज आ गया है। उसे विश्वास दिलाया गया कि वह उसके वीजा के लिए दोबारा री अपील करेंगे और इस बार कनाडा से उसकी फाइल लगवाएंगें। जिसके लिए उससे 6044 रुपये लिए गए। कुछ दिनों बाद उसे फिर से कहा गया कि उसका वीजा रिफ्यूज हो गया है लेकिन उसकी आईडी, पासवर्ड व अन्य कोई कागजात उसे नहीं दिखाया गया। उसने पैसे वापिस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।