संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुलिस लाइन में खड़े माल मुकदमों के वाहनों को लाखों रुपये में कबाड़ी को बेचने के मामले में एएसआई जगजीत सिंह (एमएम) सहित दो कबाड़ियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। सितंबर 2024 में दर्ज हुए केस की साढ़े आठ महीने चली जांच के बाद एसआईटी निष्कर्ष पर पहुंची और आरोपी एएसआई व दोनों कबाड़ियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पिछले महीने ही एएसआई के साथ कुरुक्षेत्र व व्यासपुर के दो कबाड़ी जेल भेजे गए थे।
30 सितंबर 2024 को तत्कालीन थाना व्यासपुर प्रभारी राय सिंह ने पुलिस लाइन जगाधरी में तैनात एएसआई (एमएम) जगजीत सिंह के खिलाफ मुकदमा नंबर 256 दर्ज कराया था। राय सिंह का आरोप था कि उसके द्वारा थाना व्यासपुर के माल मुकदमा में जब्त टाटा 407 वाहन को बेच दिया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, क्योंकि उक्त वाहन टाटा-407 की मालकिन बलविंदर कौर केस खत्म होने के बाद अपना वाहन न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंच गई थी।
आरोप था कि वह पिछले 23 से थाने के चक्कर काट रही है लेकिन उसका वाहन टाटा-407 उसे नहीं दिया गया। मामले ने तूल पकड़ा तो शुरुआत में गिरफ्तारी से बचने के लिए एएसआई जगजीत सिंह ने जहरीले पदार्थ को निगल लिया था लेकिन बाद में उसने कोर्ट के सम्मुख महिला बलविंदर कौर से समझौता करते हुए पांच लाख रुपये दिए थे। हालांकि इसके बाद एएसआई ने सोचा कि, मामला समाप्त हो गया लेकिन पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया, जिसमें पूर्व एएसपी सृष्टि गुप्ता को इसका हेड और डीएसपी जगाधरी तथा एसएचओ जगाधरी सिटी को सदस्य बनाया था। एसआईटी ने जांच को आगे बढ़ाया तो पिछले महीने पुलिस लाइन माल खाने से और वाहनों को ऐसे ही बेचे जाने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया था कि जगाधरी पुलिस लाइन में तीन पहिया और दोपहिया वाहन गायब हैं, जो माल मुकदमा है। इसके बाद तुरंत ही एएसआई जगजीत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तोस्वीकार किया कि उसने कुरुक्षेत्र के कबाड़ी संदीप के पास 90 हजार रुपये में तीन वाहन बेचे थे।
इसके बाद जगजीत को 15 मई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और रिमांड पर ले लिया था। इसके बाद कबाड़ी संदीप और व्यासपुर के कबाड़ी गौरव को भी गिरफ्तार किया गया। गौरव को 13 वाहन बेचे गए थे। एसएचओ जगाधरी सिटी राजपाल ने बताया कि इस मामले में तीनों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है।