फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जप, तप करने से आत्मा बनती निर्मल : डॉ. स्वाति

Mon, 29 Jul 2024 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। एसएस जैन सभा माॅडल टाउन के प्रांगण में चल रहे चतुर्मास के नौवें दिन रविवार को पैंसठिया यंत्र का मंगलकारी जाप करवाया गया। महा साध्वी डॉक्टर स्वाति महाराज ने पैंसठिया यंत्र की महिमा के बारे में बताया कि इस यंत्र का पाठ करने से दुख, दरिद्रता,विघ्न,बाधा, क्लेश,विकार दूर हो जाते हैं।
इस पाठ में जैन धर्म के 24 तीर्थंकर भगवंतों की स्तुति की गई है। प्रभु की स्तुति करने से कर्मों की निर्जरा होती है। जप तप करने से हमारी आत्मा उज्ज्वल व निर्मल बनती है। साथ ही महासाध्वी ने फरमाया कि यह पाठ करते हुए हमें विश्व के कल्याण और मंगल की कामना करनी चाहिए ताकि विश्व का प्रत्येक व्यक्ति धर्म से जुड़े।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि पैंसठिया यंत्र का जाप करने से सारे रोग दुख कलेश खत्म हो जाते हैं। बहुत बड़ी महामारी भी जब देश के ऊपर आई हुई थी। तब लोगों ने इसी के जाप से उस महामारी से बचाव किया था। आज लोगों में अपने धर्म के ऊपर श्रद्धा कम होती जा रही है। तभी जो मंत्र और जाप हैं, उनको सिद्ध करने की जो कला है वह घटती जा रही है।
विज्ञापन

आज जैन धर्म के अंदर बहुत सारे ऐसे अनेकों मंत्र हैं जिनके जाप करने से कैंसर जैसे रोग खत्म हो जाते हैं, परंतु उसके लिए अपनी भावना और श्रद्धा शुद्ध रखनी होगी। सही हृदय से विश्वास के साथ उस पाठ का जाप करना होगा तभी समस्त विश्व की मंगल कामना की आशा की जा सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें