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Yamuna Nagar News: यूरिया बिक्री की गड़बड़ी में सेंट्रल जीएसटी ने शुरू की जांच

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मानकपुर में फैक्टरी के बाहर ट्रैक्टर-ट्राली में पकड़ा गया यूरिया तस्करों से लेकर कृषि एवं कल्याण विभाग के अफसरों के गले की फांस बन गया है। टेक्निकल ग्रेड यूरिया की बिक्री में हो रही गड़बड़ी को देखते हुए सेंट्रल जीएसटी ने अपने स्तर पर जांच कर रही है। शुक्रवार को भी जीएसटी की टीम ने शहर में कई जगह पहुंच कर यूरिया से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। खासकर उन लोगों से पूछताछ की तैयारी हो रही है जो काफी समय से कृषि योग्य यूरिया की तस्करी में संलिप्त हैं। अब जीएसटी की टीम किसी भी वक्त कृषि विभाग के कार्यालय से भी यूरिया का रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले सकती है। यूरिया तस्करी में गलत बिल बनाने को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी भी जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं।
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रोहतक की एक फर्म के इर्द गिर्द सारा मामला घूम रहा है। फर्म ने जितना टेक्निकल ग्रेड यूरिया निर्माता कंपनियों से खरीदा उससे कहीं ज्यादा की बिक्री प्लाईवुड फैक्टरियों में दिखाई गई है। ऐसे आईजीएसटी की तरफ से प्लाईवुड कारोबारियों को भी नोटिस जारी कर उन्हें जांच में शामिल होने को कहा जा रहा है। क्योंकि फर्म रोहतक की है, इसलिए फैक्टरी संचालकों को भी जांच के लिए रोहतक कार्यालय में बुलाया गया है। रोहतक की फर्म पर यूरिया बेचने पर फैक्टरियों से गलत तरीके से जीएसटी लेने का भी आरोप है। फर्म द्वारा उनसे 18 प्रतिशत जीएसटी लिया गया। कारोबारियों को भी समन भेजे जा रहे हैं। कृषि विभाग से भी यूरिया का रिकॉर्ड लिया जाना बाकी है। उधर कारोबारियों का कहना है कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा वेरिफाई किए जाने के बाद ही उन्होंने डीलर से यूरिया खरीदा। ऐसे में कृषि विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी ज्यादा बनती है। इस मामले में अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि जिस डीलर से यूरिया लेने को कहा गया, उसी से ही खरीदा गया। ऐसे में अब प्लाईवुड कारोबारियों को क्यों परेशान किया जा रहा है। यदि इसी तरह से उन्हें परेशान किया जाने लगा तो उनका काम करना मुश्किल हो जाएगा।
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