संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जनगणना-2027 केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि जनकल्याण की योजनाओं को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। डीसी प्रीति ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में लगी टीमों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं, ताकि विकास नीतियां और योजनाएं जरूरत के अनुसार बनाई जा सकें।
जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन की ओर से वीरवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक के बाद अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए डीसी ने बताया कि एक मई से जनगणना टीमें घर-घर जाकर डेटा एकत्रित करेंगी। पहले चरण में एक मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी।
इसके बाद दूसरे चरण में नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। उन्होंने बताया कि 16 से 30 अप्रैल तक हुई स्व-गणना में नागरिकों का अच्छा सहयोग मिला है। अब जिन लोगों ने स्व-गणना की है, उन्हें टीम के आने पर अपनी आईडी दिखानी होगी, ताकि दर्ज आंकड़ों का सत्यापन किया जा सके।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इसके लिए विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा, जिसे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल में इंस्टॉल किया गया है। यह एप ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा और नेटवर्क मिलने पर डेटा स्वत: सिंक्रोनाइज हो जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित डैशबोर्ड और सीएमएमएस पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे हर स्तर पर कार्य की निगरानी संभव होगी। उपायुक्त ने सभी एसडीएम और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर जनगणना कार्य की प्रगति पर नजर रखें।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, नगराधीश पीयूष गुप्ता, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।