संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खुंडेवाला गांव स्थित गणेश केमिकल फैक्ट्री में इतनी भीषण आग कैसे लगी इससे पर्दा सोमवार को तीसरे दिन भी नहीं उठ पाया है। ऐसे में फैक्ट्री के अंदर लगे सीसीटीवी इस राज से पर्दा उठाने में काफी मददगार साबित होंगे। फैक्ट्री पर निगरानी रखने के लिए अंदर जो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे उनकी डीवीआर को थाना छप्पर पुलिस ने उसी दिन अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस को शक था कि इस डीवीआर को खुर्दबुर्द किया जा सकता है। ऐसे में पुलिस ने आग लगी होने के दौरान ही डीवीआर को कब्जे में ले लिया था।
गणेश केमिकल फैक्ट्री में सबसे पहले उस ट्रक में आग लगी थी जो 13 जुलाई की अल सुबह गुजरात से केमिकल लेकर फैक्ट्री में पहुंचा था। जिससे इसके बाद आग फैलते हुए पास रखे टैंक व इसके बाद गेट की तरफ खड़े इंडियन ऑयल के ट्रक तक पहुंची थी। जहां सबसे पहले आग लगी उस तरफ बिजली का एक भी तार नहीं है। ऐसे में यह सस्पेंस बना हुआ है कि वहां पर आग कैसे लग सकती है। जिन कमरों में बिजली की तारें हैं वहां न तो शार्ट सर्किट का कोई निशान है और न ही तार जली हुई है। जिस ट्रक से केमिकल अनलोड किया जा रहा था वह भी उस समय बंद था। ऐसे में आग लगने का सवाल ही नहीं उठता।
बिना अनुमति के केमिकल फैक्ट्री चलाने पर दमकल विभाग ने भी अपने कार्रवाई तेज कर दी है। दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर गई थी। केमिकल में आग को बुझाने के लिए पानी पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए पानी में ए ट्रिपल एफ केमिकल भी मिलाया जाता है। इस केमिकल की मदद से आग पर जल्द काबू पाया जा सकता है। इसलिए दमकल विभाग फैक्ट्री संचालक से इस केमिकल का खर्चा वसूलेगा।
वहीं फैक्ट्री को बंद करने के लिए दमकल विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। दमकल विभाग जगाधरी के फायर ऑफिसर पंकज पराशर ने बताया कि मुख्यालय के साथ-साथ डीसी को भी इस फैक्ट्री को बंद करने के लिए लिखा जा रहा है। आग लगने से किसी की जान भी जा सकती थी। आग बुझाने में जो केमिकल इस्तेमाल हुआ है उसका खर्चा फैक्ट्री संचालक से वसूला जाएगा।
थाना छप्पर के एसएचओ रामपाल ने बताया कि फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर पुलिस के कब्जे में है। फिलहाल पुलिस ने इस डीवीआर की रिकॉर्डिंग को देखा नहीं है। इसकी जांच करने के बाद ही पता लग सकेगा कि आग कैसे लगी थी।