यमुनानगर। केयर कैंपेनियन पार्टनरशिप (सीसीपी) कार्यक्रम के तहत नूरा हेल्थ फाउंडेशन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को मुकंद लाल जिल नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम में बंगलुरु से सीनियर डिजाइन रिसर्चर डाॅ. बैशनबी मोंगर, डिस्ट्रिक्ट सर्विसेज व सिस्टम लीड अनंथ कृपेश श्रीनिवासन, पंचकूला डीजीएचएस से डाॅ. अभिषेक जैन शामिल रहे। इस दौरान टीम उधमपुर गांव में उन गर्भवतियों के घर भी गई जिनकी हाल ही में अस्पताल में डिलीवरी हुई है। घर पर जाकर महिलाओं से पूछा गया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें कौन सी सुविधाएं दी गई। वह स्वास्थ्य सेवाओं से संतुष्ट हैं या नहीं। महिलाओं ने विभाग की ओर से दी गई स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष जताया।
टीम लेबर रूम व एसएनसीयू में भी गई। वहां गर्भवती महिलाओं, उनके साथ आए परिजनों को स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए व जानकारी जुटाई कि यहां उपचार किसी प्रकार की समस्या तो नहीं। वहां तैनात नर्सिंग स्टाफ को कहा कि वह विस्तार में सेशन चलाएं और गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले व बाद में स्वयं के व बच्चे के स्वास्थ्य के लिए क्या करना चाहिए, उसके बारे में जानकारी देने के लिए लगाए जाने वाले सेशन में अधिक समय लगाएं।
नूरा हेल्थ फाउंडेशन की टीम ने बताया कि केयर कैंपेनियन कार्यक्रम 2023 में शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। जिन दो महिलाओं के घर गई उनके साथ टीम ने टोल फ्री नंबर 18001210095 भी साझा किया। इस नंबर पर गर्भवतियां बच्चे के जन्म से पहले व बाद में हर प्रकार की सुविधा के बारे में जानकारी ले सकती है। इस मौके पर नोडल आफिसर सीसीपी सुदेश बाला, सीनियर नर्सिंग आफिसर अर्चना जैकब शामिल रहे।
आशा व एएनएम वर्करों को भी जोड़ने को कहा है : दिव्या मंगला
पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि सीसीपी की टीम सुबह ही अस्पताल में आ गई थी। टीम ने एएनएम व आशा वर्कर्स को भी घरों व आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाली गर्भवतियों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने को कहा है। बच्चे के जन्म के बाद 42 दिन माता व बच्चे का विशेष ख्याल रखना होता है। उन्हें समय-समय पर टीकाकरण के बारे में भी जानकारी दी जाती है। टीम अब एक रिपोर्ट तैयार कर अपने उच्चाधिकारियों को सौंपेगी।