संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा बोर्ड के बाद सीबीएसई ने 10वीं व 12वीं दोनों कक्षाओं का परिणाम एक साथ जारी कर दिया। जिले में 10वीं के 86.52 फीसदी विद्यार्थी पास हुए। वहीं 12वीं के परिणाम 82.12 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।
प्रदेश का 10वीं का औसतन परिणाम 91.66 रहा। 10वीं में जिले से कुल 7075 में से 7049 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 6099 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इस दौरान 4061 लड़कों व 2988 लड़कियों ने परीक्षा दी थी। वहीं 12वीं में 6416 विद्यार्थियों में से 6391 ने परीक्षा दी। जिसमें से 5248 उत्तीर्ण रहे। इस दौरान 3435 लड़कों में 2717 पास हुए। 2956 लड़कियों में 2531 लड़कियां पास हुईं।
कोऑर्डिनेटर तपोश भट्टाचार्य ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड ने एक साथ दसवीं व 12वीं का परिणाम जारी कर दिया। इस दौरान परिणाम शानदार रहा। परिणाम आने पर स्कूलों में विद्यार्थियों का तांता लगा रहा। विद्यार्थी मिठाई का डिब्बा लेकर स्कूल पहुंचे और अध्यापकों व प्राचार्य का मुंह मीठा करवाया।
हालांकि बोर्ड ने चारों संकायों का कोई जिला या प्रदेश टॉपर नहीं जारी किया है। चार विद्यार्थियों ने इन चारों संकायों में सर्वाधिक अंक लेकर स्कूल का नाम रोशन किया है। इन चारों विद्यार्थियों ने अमर उजाला से उनकी सफलता का मंत्र जाना। उन्होंने कहा कि लगन, मेहनत व एकाग्रता से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
वाणिज्य की छात्रा शिरीन बनेगी कारोबारी
जगाधरी के एसडी पब्लिक स्कूल की वाणिज्य की छात्रा सेक्टर-17 निवासी शिरीन ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। शिरीन बड़ा कारोबारी बनना चाहती है। उसके पिता ललित कुमार सिंगला कारोबारी है। मां काजल सिंगला गृहिणी है। शिरीन ने बताया कि उसका सपना कुशल कारोबारी बनने का है। अपनी कामयाबी के लिए उन्होंने स्कूल स्टाफ, परिवार का साथ रहा है।
इश्मीत बनना चाहती हैं चिकित्सक
जगाधरी। दयाल सिंह पब्लिक स्कूल की छात्रा खारवन निवासी इश्मीत कौर किसान परिवार से है। उसने मेडिकल में 98.8 प्रतिशत अंक लेकर 12वीं की परीक्षा उतीर्ण की है। इश्मीत शुरुआत से ही पढ़ाई में अव्वल है। दसवीं में भी उसने जिला टॉप किया था। उसकी मां हरप्रीत कौर गृहिणी हैं। पिता बलकार सिंह खेती करते हैं। इनका कहना है कि सोशल मीडिया से दूरी तो नहीं रखी, लेकिन इसको यूज पढ़ाई के उद्देश्य से किया।
प्रशंसा का आईएएस बनना है सपना
जगाधरी। स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रशंसा धीमान ने कला संकाय 98.2 प्रतिशत अंक लेकर नाम रोशन किया। वह आईएएस बनना चाहती है। जिस पर ध्यान केंद्रित कर अपनी पढ़ाई कर रही है। परिवार ने सपने देखने का साहस करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशंसा ने बताया कि उनक मंत्र निरंतरता और दृढ़ता है। एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में काम करना चाहती हूं। इसके पिता डॉ. राजेश धीमान दंत चिकित्सक हैं। इनकी मां डॉ. मधु धीमान स्वास्थ्य विभाग में हैं।
आईआईटी करना चाहते हैं पर्वित राठौर
जगाधरी। दिल्ली पब्लिक स्कूल से नॉन मेडिकल की परीक्षा पर्वित राठौर ने 97.4 प्रतिशत अंक के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है। उसके पिता इंद्रपाल सिंह राठौर निजी कॉलेज में प्राध्यापक हैं। मां डॉ. चेतना राठौर निजी कॉलेज में प्राध्यापिका हैं। पर्वित राठौर आईआईटी करना चाहता है। उसका सपना कामयाब इंजीनियर बनना है। इसी को ध्यान में रखकर वह अपनी तैयारी कर रहा है।