यमुनानगर। कोहरे के दौरान सड़कों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। जिले में हाईवे व अन्य सड़कों पर जाम के साथ हादसे की वजह बन चुके गोवंश व मवेशी न गोशाला पहुंचाए जा रहे हैं और न इनके गले रिफ्लेक्टर बेल्ट या सींगों पर रिफ्लेक्टर टेप लग पाए हैं।
हालत ये हैं कि गोवंश व मवेशी मार्गों के किनारे या डिवाइडर पर बैठे रहते हैं, जो कई बार बीच रास्ते भी आ जाते हैं। इस तरह ट्रैफिक जाम के साथ सड़क हादसों की वजह बन चुके गोवंश व मवेशियों से कोहरे के सीजन में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
इस मामले में आरटीए, ट्रैफिक पुलिस, पशुपालन विभाग सहित संबंधित पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम कार्रवाई कर सकते हैं, पर ऐसा नहीं हो रहा। खामियाजा वाहन चालकों को कोहरे के सीजन में जाम व सड़क हादसे के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
गोवंश व मवेशी बढ़ रहे, गोशालाओं में जगह कम
गोवंश व मवेशी गलियों-सड़कों व खाली स्थानों पर घास व कचरे में मुंह मारते दिखते हैं। यह स्थिति शहर से लेकर गांवों तक में है। इन हालात की एक वजह जिले में संस्थाओं द्वारा संचालित गोशालाओं में जगह कम पड़ने के साथ सरकारी स्तर पर गोशालाएं न बनना है। हरियाणा गो सेवा आयोग के पोर्टल के मुताबिक जिले में सात गोशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें 3408 गाय व अन्य गोवंश हैं। इतनी ही संख्या जिले में लावारिस घूम रहे गाय व अन्य गोवंश और मवेशियों की है। हालांकि शहर में भी दड़वा में गोशाला व ससौली में नंदीशाला बनाने की परियोजना है, पर यह कागजों से धरातल पर नहीं उतर पाई है। इसके लिए तीन साल पहले नगर निगम सदन की बैठकों में प्रस्ताव पास हुए, पर जमीन चिह्नित करने से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ पाई। ऐसे में गोवंश व मवेशी खुले आसमान के नीचे भोजन की तलाश में दर-दर भटकने पर मजबूर हैं। मामले में एडीसी एवं नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा का कहना है कि नगर निगम की ओर से गोवंश व अन्य पशुओं को पकड़ कर गोशाला पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस दिशा में अन्य उपाय भी अमल में लाए जा रहे हैं।
पार्षद बोले- पकड़कर इन्हें गोशालाओं में भेजे निगम
आरटीए अफसरों की ओर से गत 18 नवंबर को सड़कों पर घूम रहे गोवंश को रिफ्लेक्टर काउ बेल्ट पहनाए जाने की बात कही गई, पर अभी भी अधिकांश गोवंश बिना रिफ्लेक्टर बेल्ट ही नजर आ रहे हैं। जो सड़कों पर कोहरे के दौरान वाहन चालकों को दिखाई न देने पर हादसे की वजह बन सकते हैं। नगर निगम यमुनानगर जगाधरी क्षेत्र से निवर्तमान पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि सड़कों पर घूम रहे गोवंश व मवेशियों पर रिफ्लेक्टर बेल्ट पहनाना व रिफ्लेक्टर टेप लगाना समय व धन की बर्बादी है। समस्या का स्थाई समाधान यही है कि इन्हें गोशाला पहुंचाया जाए।