यमुनानगर। लखनऊ से ट्रेन में यमुनानगर शादी समारोह में भाग लेने आ रहे दूल्हे के परिवार वालों के सूटकेस से सोने के आभूषण व दो लाख की नकदी चोरी हो गई। जब दूल्हे का परिवार शहर के निजी पैलेस में पहुंचा तो चोरी का पता चला। परिवार के सदस्यों का कहना है कि कुछ लोग सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़े थे। उन्होंने ट्रेन में सीटों के नीचे रखे सूटकेस बाहर निकलवाने में उनकी सहायता की थी। आरोप है कि उन्हीं लोगों ने सूटकेस से गहने व रुपये चोरी किए। जीआरपी ने पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम निवासी नितिन आर्य ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके भाई अरविंद आर्य की शादी यमुनानगर के आनंद रेजिडेंसी में होनी थी। वह परिवार के सदस्यों के साथ 22 फरवरी को रेलवे स्टेशन लखनऊ चारबाग से यमुनानगर के लिए लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन में रवाना हुए थे। उन्होंने ट्रेन के कोच नंबर 52 की सीट 26, 27, 29, 30, 33, 35, 36, 44, 43, 41 व 46 बुक की हुई थी। उनके पास आठ-दस सूटकेस थे। एक सूटकेस में सोने के आभूषण व दो लाख रुपये की नकदी रखी हुई थी। जब वह सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो चार-पांच लोग ट्रेन में उनके डिब्बे में चढ़े। इस दौरान वह सूटकेस निकालने लगे। आरोपी लोगों ने सूटकेस निकलवाने में उनकी सहायता की। जिसके बाद वह यमुनानगर पहुंचकर टैक्सी में सामान रखकर आनंद रेजिडेंसी में आ गए। शादी के दौरान जब उन्होंने सूटकेस की जांच की तो उसमें से दो लाख रुपये की नकदी, सोने का गले का हार, मांगटिका, नाक की बाली, हाथ के कंगन, सोने की अंगूठी, नाक की नथली, दो चांदी की पायल, एक बिछिया समेत 60 ग्राम सोने के आभूषण गायब मिले। आरोप है कि सहारनपुर में जिन लोगों ने सूटकेस निकलवाने में उनकी सहायता की थी, उन्हीं ने सूटकेस से आभूषण व नकदी चोरी की है। उसने मामले की शिकायत जीआरपी को दी। जीआरपी ने मामले में 24 फरवरी को जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को शहर थाना पुलिस को ट्रांसफर किया।
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जीआरपी ने नहीं की कार्रवाई, अब शहर पुलिस के पास पहुंचा केस
मामले में कार्रवाई के लिए जानकीपूरम निवासी नितिन की शिकायत कई जीआरपी थानों में पहुंची। सबसे पहले शिकायत जीआरपी सहारनपुर को दी गई। जहां से केस को जगाधरी जीआरपी को भेजा गया। इसके बाद अंबाला जीआरपी, चारबाग समेत कई जीआरपी थानों में शिकायत पहुंची। हर जीआरपी थानों में जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को आगे ट्रांसफर्र कर दिया गया। लेकिन किसी भी थाने की रेलवे पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की। लगभग साढ़े तीन माह से शिकायतकर्ता कार्रवाई के लिए भटक रहा है। अब शहर पुलिस के पास केस आया है। शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि रेलवे पुलिस ने उनके पास केस भेजा है। हालांकि कार्रवाई जीआरपी की बनती है, लेकिन वह केस को तह तक जाकर सुलझाएंगे।
वर्जन
शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि जीआरपी जगाधरी से यह केस उनके पास आया है। मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल सहारनपुर रेलवे स्टेशन है। जीआरपी की तरफ से केस उन्हें भेजा गया है। वे मामले की गहनता से जांच करेंगे।