संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एनडीपीएस एक्ट के केस से नाम निकलवाने के लिए रिश्वत लेते हुए पकड़े गए करनाल के गांव जडौली निवासी इस्लाम को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अदालत में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वहीं, ब्यूरो द्वारा इस्लाम को रिश्वत के रुपये लेने के लिए भेजने के आरोपी उसके भाई एसआई महबूब अली व एएसआई पवन पर भी केस दर्ज किया है।
एसआई महबूब अली हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में तैनात हैं। उसके व एएसआई पवन के कहने पर ही इस्लाम रिश्वत के यह पैसे लेने के लिए गया था। एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि आरोपी एसआई महबूब अली व एएसआई पवन की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ा जाएगा।
हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के थाना के एएसआई पवन की शिकायत पर 19 जून 2022 को थाना शहर जगाधरी में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ था। इस केस में ही पुलिस ने साबिर को गिरफ्तार किया था। साबिर के बयान पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गांव बादी माजरा निवासी बिलाल को भी आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि उसका केस से नाम निकालने के लिए एसआई महबूब अली व एएसआई पवन ने दो लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
बाद में एक लाख 40 हजार रुपये में बात तय हुई थी। जिसकी शिकायत एंटी क्रप्शन ब्यूरो को दी गई। इसके बाद ही आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। नारकोटिक्स ब्यूरो के एसआई महबूब अली व एएसआई पवन ने रिश्वत का पैसा देने के लिए बिलाल को करनाल के कुंजपुरा में बुलाया। यहां पर महबूब अली के भाई इस्लाम को भेजा गया। उसे एक फर्नीचर की दुकान में बुलाया। वहां रिश्वत लेते इस्लाम को पकड़ा गया। पुलिस ने मामले में इस्लाम, एसआई महबूब अली व एएसआई पवन पर केस दर्ज किया है।