संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। क्षेत्र में राशन कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। क्षेत्र में डिपो पर खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से समय पर राशन कार्ड धारकों को राशन की सप्लाई न करवाए जाने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। राशन कार्ड धारक डिपाे पर राशन लेने के लिए जाते है, तो उन्हें राशन सप्लाई न होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।
राशनकार्ड धारक पिंकी, वर्षा, पूनम, पुष्पा, सुनीता, अजमेरो, रोशनी, जरनैल सिंह, ईशम सिंह, सलिंद्र, जयपाल, फकीर चंद, रामकुमार, शेर सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से राशन कार्ड धारकों को हर महीने की 10 तारीख तक डिपो पर राशन की सप्लाई किए जाने के दावे किए गए, लेकिन अप्रैल महीने का राशन 25 अप्रैल तक डिपो पर नहीं पहुंचा है। हर महीने इसी प्रकार देरी से राशन डिपो पर पहुंचता है।
सरकार की ओर से बीपीएल कार्ड धारकों को हर महीने तीन किलो गेहूं, दो किलो बाजरा, दो लीटर सरसों का तेल व एक किलो चीनी सप्लाई की जाती है, लेकिन हर महीने आधा अधूरा राशन उन्हेंं मिलता है। कभी गेहूं व बाजरा मिलता है, तो कभी देरी से उन्हें सरसों का तेल व चीनी अलग अलग समय पर मिलती है। जिससे उन्हें बार-बार डिपो पर जाकर धक्के खाने पडते है। आमतौर पर महीने के अंतिम दिनों में राशन की सप्लाई डिपो पर होती है। इससे डिपो पर कार्ड धारकों की लंबी लाइन लग जाती है।
महीने के अंतिम दिन राशन सप्लाई करने वाली मशीन बंद हो जाती है। जिससे बहुत से राशन कार्ड धारक राशन लेने से वंचित रह जाते है। इस बारे डिपो एसोसिएशन रादौर के प्रधान बृजभूषण राणा ने बताया कि डिपो पर राशन सप्लाई करने वाली एजेंसी की ओर से देरी से गेहूं, बाजरे व अन्य सामान की सप्लाई की जा रही है।। मामले को लेकर डिपो एसोसिएशन से जुड़े डिपो धारक विभाग के उच्चाधिकारियों से मिले थे, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि डिपो पर गेहूं जिले से ही सप्लाई होती है। चीनी शाहबाद शुगर मिल से आती है। गेहूं व चीनी की पहले सप्लाई होती है। जबकि बाजरा व सरसों के तेल की सप्लाई रेवाड़ी से होती है। जिसे आने में वक्त लग जाता है। उनकी कोशिश है कि समय पर राशन कार्ड धारकों को राशन मिल सके। इस बारे राशन सप्लाई करने वाली एजेंसी को डिपो पर जल्द राशन पहुंचाने बारे अधिकारियों द्वारा आदेश दिए गए हैं।