यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर में गिरते नाले को डायवर्ट करने पर निगम अफसरों ने 77 लाख रुपये खर्च कर दिए, वहां आज भी नहर का पानी साफ नहीं है। क्योंकि जिस जगह से नाला डायवर्ट किया गया, वहां अभी गंदा पानी नहर में मिल रहा है। गंदे व दूषित हो रहे नहर के जल में आचमन व पूजा-अर्चना करते समय लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है, वहीं नहर के जलीय जीवों के जीवन पर भी संकट दिख रहा है।
ज्ञात हो कि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की ओर से संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में नहर व नदियों में सीधे गिरते नालों के पानी को डायवर्ट करने के निर्देश दिए गए थे। एनजीटी ने नगर निगम यमुनानगर जगाधरी क्षेत्र में पश्चिमी यमुना नहर के कई ऐसे प्वाइंट बताए थे, जहां नहर में नालों का गंदा पानी गिर रहा था। एनजीटी की सख्ती पर शांति कॉलोनी व आजादनगर के दो नालों को नगर निगम की ओर से पटरी के रास्ते पाइप लाइन डाल जिंदल पार्क से लगते पंपिंग स्टेशन से जोड़ दिया गया। ये काम जून-2019 में 77 लाख रुपये में अलॉट हुआ था। दो नालों पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद अफसरों ने दोबारा इसकी सुध नहीं ली, क्योंकि शांति कॉलोनी समीप जहां नाले को डायवर्ट किया गया था, वहां अभी गंदा पानी पश्चिमी यमुना नहर में मिल रहा है। इसके अलावा भी कई जगह गंदे पानी के नाले व पाइप नहर की तरफ खुले हैं जिससे नहर का पानी लगातार दूषित हो रहा है। ये हालत तब है, जब यमुना नहर के तट व घाटों पर सालभर पर्व व मेलों पर लोग स्नान व पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं, जो दूषित जल से आचमन व पूजा अर्चना करने को मजबूर हैं।
आचमन, पूजा में दूषित जल देख पहुंचती है आस्था पर ठेस
यमुना बचाओ समिति के अध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने कहा कि समिति की ओर से प्रशासन से यमुना के जल को स्वच्छ रखने की मांग लगातार की गई पर इसे पूरा नहीं किया गया। समिति ने अपने स्तर पर यमुना के तट व घाटों की सफाई की। इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर यमुना के जल को दूषित होने से बचाने के प्रयास नहीं हो रहे, जबकि सालभर पर्व व मेलों पर लोग यमुना जल से आचमन व पूजा अर्चना करते हैं, जिनकी आस्था पर यमुना का जल दूषित देख ठेस पहुंचती है। नहर में गिरते कुछ नालों का गंदा पानी डायवर्ट किया है, पर वहां अभी गंदा पानी नहर में मिल रहा है। चूंकि अफसरों ने नाले डायवर्ट करने के बाद सुध नहीं ली।
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मामले का जांच कराई जाएगी। इसमें जिस शाखा के अफसर जिम्मेदार हैं, उसे आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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