साढौरा। अगर इसी तरह से दामों में गिरावट आती रही तो आने वाले दिनों में लोग गोभी खाने के लिए भी तरस जाएंगे। ऐसे में महंगे दामों पर ही गोभी खरीदनी पड़ेगी। दरअसल सब्जी मंडी में गोभी के दामों में बेतहाशा गिरावट से हताश हुए कई किसानों ने 25 एकड़ में खड़ी गोभी की तैयार फसल को ट्रैक्टर से जोत कर नष्ट कर दिया है।
किसानों का आरोप है कि सरकार की ओर से लागू की गई भावांतर योजना का भी पिछले कई वर्षों से उन्हें कोई लाभ न मिल पाने से हताश होकर उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है। पार्षद व सब्जी उत्पादक किसान अंकुश राणा ने बताया कि सब्जी मंडी में इन दिनों गोभी की 25 से 30 किलो की पन्नी महज 20 रुपए की ही बिक पा रही है। एक एकड़ से गोभी की लगभग 500 पन्नी की उपज होती है। इस तरह किसानों को एक एकड़ की गोभी की फसल के लिए महज 10 हजार रुपए ही मिल पा रहे हैं और लागत लगभग 50 हजार आती है। फसल में परिवार की मेहनत की लागत अलग से है।
इस तरह लागत व मजदूरी वसूल न होने से पार्षद अंकुश राणा सहित राजेश राणा, घनश्याम, संदीप चौहान, नीरज व मंगल ने लगभग 25 एकड़ में गोभी की फसल की जोताई करके नष्ट कर दिया है। इनमें से कई किसानों ने तो जमीन ठेके पर लेकर गोभी बोई थी। उनकी तरह ही कई अन्य किसान भी फसल की जोताई करने की तैयारी कर रहे हैं। अंकुश राणा ने बताया कि सरकार की भावांतर योजना का भी लाभ नहीं मिल पाने से हताश सब्जी उत्पादक किसान अब मक्का की खेती करने की सोच रहे हैं। संवाद