केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वीरवार को जगाधरी अनाज मंडी में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद राजाराम के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन के दौरान बसपा नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया और सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण लागू करने, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेने व आरक्षण कोटा पूरा करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। वहीं चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो बसपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वीरवार सुबह करीब 10 बजे जिले के विभिन्न स्थानों से सैकड़ों बसपा कार्यकर्ता जगाधरी अनाज मंडी में एकत्रित हुए। यहां बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमारी मायावती के आह्वान पर केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत एक दिवसीय जिलास्तरीय धरना प्रदर्शन किया गया।
राजाराम ने कहा कि केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन करके किसानों का बहुत बड़ा नुकसान किया है। यह संशोधन देश के धन्ना सेठों एवं पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। इस मुद्दे को बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संसद में जोर-शोर से उठाया था। जब तक संशोधनों को रद नहीं किया जाता तब तक बहुजन समाज पार्टी इस आंदोलन को चलाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि जब से केंद्र व प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, दलितों व पिछले वर्गों के लोगों पर अत्याचार हो रहे है। प्रदेश में काननू व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। पिछले दिनों जिले के गांव कलावड़ में कुछ लोगों ने दलित युवती के घर में घुसकर हमला व दुष्कर्म का प्रयास किया। तिगरा गांव में दलितों पर हमला आदि उदाहरण कानून व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष चतर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के बनने से पूर्व बहुत से वादे किए थे, लेकिन ये वादे आज तक पूरे नहीं हुए। धरना प्रदर्शन में पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान, डॉ. बलदेव सिंह, ओमप्रकाश, कर्मवीर, अशोक मित्तल, राम सिंह, राजवीर मलिक, धर्मबीर राठी, धर्मपाल तिगरा, रमेश, बलजीत शर्मा, ईश्वर सिंह, रामकुमार, जयप्रकाश के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।