साढौरा। बारिश व तेज बहाव आए मारकंडा नदी के पानी से रसूलपुर व लाहड़पुर के बीच की सड़क दो दिन पहले टूट गई। जिससे मार्ग से आवाजाही ठप हो गई। इस बीच बुधवार को लाहड़पुर के सोमनाथ की मौत हो गई तो अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को टूटी सड़क के रास्ते एक किमी. दूरी पर स्थित श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए निजामपुर, राजपुर, गलौड़ी व रसूलपुर के रास्ते 15 किमी. घूमकर जाना पड़ा।
लाहड़पुर के सुरेंद्र सैनी, सुरेश सैनी व राजेंद्र ने कहा कि मारकंडा नदी का रुख आबादी की ओर होने से कई मकानों में दीवारों में दरारें आ गई हैं, वहीं 200 एकड़ खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल संधू ने बताया कि कल्याणपुर, उधमगढ़, राजपुर, निजामपुर, गलौड़ी, सैदूपुर, कप्तान माजरी, पहाड़ीपुर, कनिपला, पांडो, सरावां, भोगपुर, मानकपुर सहित 30 गांवों की हजारों एकड़ में फसलें जलमग्न होने से खराब हो गई हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से किसानों की कोई सुध नहीं ली जा रही है।