यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर को साफ, सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए निगम प्रशासन ने जमीनी स्तर पर गतिविधियां बढ़ा दी हैं। बुधवार को अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने सफाई दरोगाओं की बैठक लेकर स्वच्छता व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में शहर की मौजूदा सफाई व्यवस्था, सफाई कार्यों की निगरानी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और फील्ड स्तर पर आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। अतिरिक्त निगम आयुक्त ने सभी दरोगाओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कर्मियों को स्पष्ट रूप से एरिया आवंटित करें। हर वार्ड और मोहल्ले में नियमित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाजारों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और मुख्य सड़कों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि कोई व्यक्ति खुले में कचरा फेंकता हुआ या दुकानदार प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 नगर निगम के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसके माध्यम से शहर की स्वच्छता छवि को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने की अपील की, ताकि नगर निगम बेहतर रैंक हासिल कर सके।
वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के सलाहकार लोकेश सेन ने बताया कि निगम की टीम लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। संवाद कार्यक्रमों और जनसहभागिता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को कचरा पृथक्करण, घर के बाहर कचरा न फेंकने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संवाद