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Yamuna Nagar News: रक्त कोष में रक्त का संकट, मरीजों की बढ़ी परेशानी

Wed, 21 Jan 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जिला ब्लड बैंक में रक्तदान करते रक्तदाता। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले के स्वास्थ्य विभाग का रक्त कोष इन दिनों गंभीर रक्त संकट से जूझ रहा है। रक्त की भारी कमी के चलते न केवल जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और बड़ों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।
हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जरूरतमंद मरीजों को रक्त कोष से रक्त लेने के लिए अपना डोनर साथ लाने को कहा जा रहा है। एबी नेगेटिव ग्रुप की तो एक भी यूनिट नहीं बची है। वहीं ए व बी नेगेटिव की केवल एक-एक यूनिट ही बची है। रक्त की कमी की सबसे बड़ी वजह इस वर्ष अभी तक जिले में किसी भी रक्तदान शिविर का आयोजन न होना बताया जा रहा है।
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वहीं आम लोग भी स्वयं आगे बढ़कर रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक तक नहीं पहुंच रहे हैं। सर्दी के मौसम में लोग रक्तदान करने से हिचकते हैं, जिससे समस्या और गहरा गई है। जिला नागरिक अस्पताल में सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और ऑपरेशन के मामलों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज भर्ती रहते हैं, जिन्हें तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा कई गर्भवती महिलाओं में खून की कमी पाए जाने पर प्रसव से पहले रक्त चढ़ाना अनिवार्य हो जाता है। ऐसे में ब्लड बैंक में रक्त की कमी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है। कई बार परिजनों को घंटों डोनर की तलाश में भटकना पड़ता है और समय पर डोनर न मिलने से इलाज में देरी हो जाती है।

जिले में थैलेसीमिया के 121 मरीज
जिला में वर्तमान में थैलेसीमिया के कुल 121 मरीज हैं, जिनमें से करीब 70 प्रतिशत बच्चे हैं। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को महीने में एक या उससे अधिक बार रक्त चढ़ाना पड़ता है। थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रमन मोंगा ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 बच्चों को रक्त चढ़ाया जाता है, लेकिन रक्त की कमी के कारण लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार जरूरत के समय ब्लड उपलब्ध न होने से बच्चों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ जाती है।

गिने-चुने लोग ही करते रक्तदान : संजीव
वहीं स्माइल फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव मेहता का कहना है कि आज भी समाज में रक्तदान के लिलए जागरूकता की भारी कमी है। लाखों की आबादी वाले जिले से गिने-चुने लोग ही नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आते हैं। रक्तदान से आपात स्थिति में कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं, लेकिन लोगों की उदासीनता के चलते ब्लड बैंक खाली हो रहे हैं।
आरटीए कार्यालय में रक्तदान शिविर आज
सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत जिला परिवहन विभाग की ओर से 21 जनवरी को रक्तदान शिविर एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर सुबह 11 बजे आरटीए कार्यालय परिसर में लगाया जाएगा। जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और वाहन चालकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।
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इस माह में रक्तदान शिविर नहीं लगे हैं। जिस कारण ब्लड बैंक में रक्त की कमी है। लोगों को रक्तदान करने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में आगे आना चाहिए। - डॉ. विपिन गोंदवाल, कार्यवाहक सिविल सर्जन।
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