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Yamuna Nagar News: इमरजेंसी में ब्लड बैंक, आइए रक्तदान करके बचाएं जान

Fri, 14 Jun 2024 05:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। दुर्घटना होने पर ज्यादा चोट लगने, हाई रिस्क डिलीवरी के दौरान, थैलेसीमिया समेत अन्य गंभीर रोगों में हर किसी काे रक्त की जरूरत पड़ती है। उस स्थिति में केवल रक्त ही है जो इमरजेंसी में किसी की भी जान बचा सकता है।

इस वक्त जिले का एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक खुद इमरजेंसी में है। इमरजेंसी से खुद को बाहर निकालने में ब्लड बैंक को रक्त नहीं मिल रहा। सरकारी ब्लड बैंक खाली हो चुका है। अलग-अलग ब्लड ग्रुप की कुछ यूनिट बची थी वह भी शाम तक लग गई।
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ऐसे में खाली हो चुके ब्लड बैंक को 14 जून यानी आज विश्व रक्तदाता दिवस से खासी उम्मीदें थीं, परंतु ऐसा पहली बार होगा जब विश्व रक्तदाता दिवस पर शहर या गांव में रक्तदान शिविर का आयोजन हो और उसमें रक्त एकत्रित करने के लिए सरकारी ब्लड बैंक की टीम को बुलाया गया हो।

ब्लड बैंक द्वारा केवल अपने कैंपस में ही शिविर लगाया जाएगा जिसमें भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पदाधिकारियों व अन्य लोगों ने आकर रक्तदान करने की इच्छा जताई है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के भवन में चल रहे सरकारी ब्लड बैंक में इस वक्त लोगों को रक्त नहीं मिल रहा। रक्त तभी मिल रहा है जब मरीज के परिजन अपने साथ किसी रक्तदाता को लेकर आते हैं।

ऐसे में लोगों को पहले रक्तदाता खोजना पड़ता है तब जाकर घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें रक्त की एक यूनिट मिल रही है। थैलेसीमिया, हीमाफिलिया, डायलिसिस, गर्भवती महिलाओं, कैंसर रोगियों को रक्त की ज्यादा जरूरत पड़ती है।

वहीं जिले में 151 थैलेसीमिया के मरीज हैं जिन्हें हर सप्ताह या फिर जरूरत के हिसाब से रक्त चढ़ाना पड़ता है।

इमरजेंसी के लिए नहीं रक्त ः ब्लड बैंक को प्रत्येक ग्रुप औसतन पांच यूनिट इमरजेंसी के लिए रखनी पड़ती है, क्योंकि किसी को भी अचानक जरूरत पड़ सकती है। सरकारी ब्लड बैंक में रोजाना औसतन 35 से 40 यूनिट की डिमांड रहती है। इसके अलावा वीआईपी दौरे भी होते रहते हैं। सरकारी के अलावा गाबा अस्पताल, स्वामी विवेकानंद ब्लड बैंक, सिटी सेंट ब्लड बैंक, संजीवनी ब्लड बैंक, श्री मां ब्लड बैंक, शहीद उधम सिंह नाम से प्राइवेट ब्लड बैंक हैं।

साल में एकत्रित होता है करीब 12 हजार यूनिट रक्त ः रक्तदाताओं द्वारा किए गए रक्तदान से हर साल सरकारी ब्लड बैंक को करीब 12 हजार यूनिट मिलते हैं। ब्लड बैंक में करीब 1300 यूनिट और सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में 600 यूनिट स्टोर रखने की क्षमता है। जगाधरी में स्टोरेज इसलिए की जाती है क्योंकि वहां गर्भवतियों की सबसे ज्यादा डिलीवरी होती है। गर्भवतियों के परिजनों को रक्त लेने के लिए बार-बार ब्लड बैंक में चक्कर काटने पड़ते थे। इसलिए अब जगाधरी से ही रक्त मिल जाता है। परंतु जगाधरी में अभी अब रक्त नहीं है।

बेटी के लिए नहीं मिला रक्त ः फतेहपुर गांव की रिंकी ने बताया कि उसकी 14 साल की बेटी दीपिका बीमार है। उसे रक्त की जरूरत है परंतु ब्लड बैंक से उसे रक्त नहीं मिला। डॉक्टरों ने कहा कि वह किसी रक्तदाता को लेकर आए इसके बाद उसे रक्त मिलेगा। फिर उसने घर से देवर को रक्तदान करने के लिए बुलाया।
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सरकारी ब्लड बैंक में 13 जून को रक्त की स्थिति

ब्लड ग्रुप

यूनिट

बी पॉजिटिव

00

ओ पॉजिटिव

00

ए पॉजिटिव

18

एबी पॉजिटिव
10

ए निगेटिव

05

बी निगेटिव

05

ओ निगेटिव

02

एबी निगेटिव

01

रक्तदान के लिए आगे आएं लोग

मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे सरकारी ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. निशा गुरावा ने बताया कि इस वक्त अस्पताल में रक्त बिल्कुल भी नहीं है। स्कूल, कॉलेजों में छुट्टियां चल रही हैं। वहीं भीषण गर्मी को देखते हुए लोग रक्तदान नहीं कर रहे हैं। गर्मी के कारण कैंप नहीं लग रहे। जिस कारण रक्त की बहुत कमी हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में ब्लड बैंक में पहुंच कर रक्तदान करें ताकि जरूरतमंदों की जान बचाई जा सके।
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