दिल्ली में होेने वाले किसान आंदोलन को लेकर किसानों और पुलिस में मैं डाल डाल तू पात पात की स्थिति बन गई है। जहां पुलिस किसानों को दिल्ली कूच करने से रोकने के लिए हर प्रयास कर रही है। वहीं किसान दिल्ली पहुंचने के लिए कई तरह की रणनीति बना रहे हैं। आंदोलन को लेकर किसानों ने दस से ज्यादा योजनाएं तैयार कर कई दल तैयार किए हैं। पुलिस ने नाकाबंदी कर किसानों को रोकने की योजना बनाई है। जबकि किसान कई दलों में बट गए हैं, ताकि वे दिल्ली पहुंच सके। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में किसान दिल्ली सहित पड़ौसी राज्यों की तरफ कूच कर चुके हैं। जबकि पुलिस उन्हें यहां रोकने की योजना बनाकर नाका लगाए बैठी है। आंदोलन को लेकर किसान नेताओं ने दिनभर चोरी छिपे बैठकें की और किसानों को रणनीति बताई। बैठक में शीर्ष कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को ही शामिल किया गया, ताकि समय से पहले यह किसी को इसका पता न चल सके। इसके कई किसान संगठनों के पदाधिकारी भूमि गत हो गए हैं। जबकि उनके करीब किसान और उनके बीच कड़ी का काम कर सूचनाएं पहुंचा रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि वे हर हाल में दिल्ली पहुंचेंगे। इसके लिए पुलिस जितने भी नाके लगा ले, वे चकमा देकर निकल जाएंगे।
किसान संगठनों ने दिल्ली पहुंचने के लिए दस से ज्यादा योजनाएं तैयार की है। परिस्थितियों के अनुसार उनका प्रयोग किया जाएगा। इन योजनाओं को बैकअप के लिए रखा गया है। एक रणनीति किसानों की यह भी है कि वे शादी का बहाना लेकर जाएंगे। जिसके तहत कार में चार से पांच व्यक्ति रवाना होंगे। गाड़ी पर शादी बारात का पर्चा लगा होगा। चूंकि इन दिनों शादियां बहुत हैं, केवल जिले में ही करीब चार सौ ज्याद शादियां हैं। ऐसे में पुलिस को बारात रूकवाना भारी भी पड़ सकता है।
किसानों की रणनीति के अनुसार किसी भी दो पहिया व चौपहिया वाहन पर झंडा नहीं लगाया जाएगा। यह भी पुलिस को चकमा देने के लिए किया जा रहा है। अखिल भारतीय किसान संघ के जिला सचिव विजयपाल ने बताया कि दिल्ली जाने के लिए किसान झंडा लपेट कर जेब में रख ले जाएंगे। झंडा होने से वाहन रोके जाएंगे, इसलिए इस बार दिल्ली पहुंचने से पहले झंडा नहीं लगाया जाएगा।
आंदोलन से दो दिन पहले ही किसान नेताओं को हिरासत में लेने के बाद संगठनों में हड़कंप हैं। इससे पहले भी पुलिस ने इसी तरह रातों रात कई किसान व आढ़ती नेताओं को घर से हिरासत में ले लिया था। ऐसे में कई किसान संगठनों के नेता भूमिगत हो गए हैं। उनके मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) जिला प्रधान संजू गुदियाना भूमिगत हो गए और उनका मोबाइल भी स्विचऑफ है। इसी तरह अखिल भारतीय किसान संघ के नेता भी भूमिगत हो निर्देश दे रहे हैं।