संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर चल रहे किसानों के धरने के बीच शुक्रवार को करनाल सर्कल कार्यालय में बैंक अधिकारियों और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। किसानों ने आरोप लगाया कि मुख्य मांग पर सहमति नहीं बनी, जिसके बाद वे बैठक बीच में छोड़कर लौट आए।
बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के डीजीएम त्रिमूर्ति पांडे, एजीएम दिलबाग अग्रवाल, चीफ मैनेजर सुशील हंडूजा, चीफ मैनेजर दीपिका तथा भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर, दीप राणा, यादविंदर कांबोज, महेंद्र कांबोज और महताब कादियान ने हिस्सा लिया। किसान नेताओं का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग किसान मोहन सिंह के ऋण पर ब्याज माफी की थी, लेकिन बैंक अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर मामला सुलझाने का प्रयास किया।
किसानों ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि उनकी मूल मांग पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने घोषणा की कि 13 जुलाई को बैंक धरना स्थल पर मंडल स्तरीय किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महापंचायत के दौरान बैंक का शटर बंद कर ताला लगाया जाएगा। जब तक मोहन सिंह को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही 13 जुलाई को आंदोलन की आगामी रणनीति और कड़े फैसलों की भी घोषणा की जाएगी।