प्रतिष्ठा का सवाल बनी जिला परिषद वार्ड नंबर आठ की सीट न तो बीजेपी की झोली में आई और न ही कांग्रेस को मिल पाई। इस सीट के लिए दोनों पार्टियों ने अपना जोर लगा रखा था। दोनों ही पार्टियां अपनी जीत के प्रति आश्वस्त थी। लेकिन बसपा समर्थित ममता
यहां बाजी मार गई। वहीं इस सीट से पार्षद रही रेनू बाला के कांग्रेस से विधायक बनने के बावजूद पार्टी यहां अपनी जमानत नहीं बचा पाई। जबकि रेनू बाला ने भाजपा के पक्ष से चुनाव लड़ा था और यहां से पार्षद बनीं और उन्हें जिला परिषद का चेयरपर्सन भी बनाया गया। लेकिन भाजपा भी यहां तीसरे नंबर पर लुढ़क गई। बसपा प्रत्याशी ममता रानी ने 131 मतों से जीत पाई। जबकि दूसरे स्थान पर इंडियन नेशनल लोक दल की प्रत्याशी सरोजबाला रही। वहीं तीसरे नंबर पर भाजपा की मीना देवी रही और कांग्रेस की कृष्णा देवी सबसे पीछे रहीं। इस सीट से भाजपा, कांग्रेस, बसपा, इनेलो चारों दलों ने अपनी प्रत्याशी उतारे थे। इनेलो की ममता को कुल 3405, सरोजबाला को 3275, भाजपा की मीना देवी 3137 वोट मिले। जबकि कांग्रेस की कृष्ण देवी को सिर्फ 770 वोट पड़े। यहां कुल मतदान प्रतिशत सिर्फ 43 प्रतिशत रहा। 26039 वोट में कुल 10664 लोगों ने मतदान किया। इस दौरान 77 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया।