यमुनानगर। लेट होने पर सख्ती छोड़ रुका वेतन दे मिल, वरना कर्मचारी काम से बायकाट कर मिल नहीं चलने देंगे। यह चेतावनी एशिया की प्रमुख मिलों में शुमार बिल्ट पेपर मिल के कर्मचारियों ने शुक्रवार को उस वक्त दी, जब शाम की शिफ्ट में देरी होने पर करीब 250 कर्मचारियों को गेट बंद कर बाहर ही रोक दिया गया। इसके विरोध में बिल्ट मजदूर यूनियन के अंतर्गत करीब 1500 कर्मचारी सड़क पर उतर आए। गुस्साए कर्मचारियों ने गीता भवन के सामने पेपर मिल गेट से रेलवे रोड से शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी वर्कशाप रोड स्थित मिल के दूसरे गेट तक जुलूस निकाला।
बाद में पेपर मिल में ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो देर शाम तक जारी रहा। किंतु मिल प्रबंधन की ओर से कोई भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए आगे नहीं आया।
बिल्ट मजदूर यूनियन (संबंधित भारतीय मजदूर संघ) के प्रधान अशोक कुमार, महासचिव अनिल, उपप्रधान मंगतराम, नाथी राम, कोषाध्यक्ष कैलाश सिंह, मनेंद्र सिंह, रामनिवास ने बताया कि मिल प्रबंधन ने तीन माह से करीब तीन हजार कर्मचारियों का वेतन रोक रखा है। इनमें 400 स्थायी, 550 केज्यूल व दो हजार से अधिक अनुबंध पर लगे कर्मचारी शामिल हैं। वेतन न मिल पाने से कर्मियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार शाम यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारियों की गेट मीटिंग चल रही थी। इसमें शामिल करीब 250 कर्मचारियों को कुछ देरी होने पर मिल प्रबंधन ने गेट बंद कर बाहर ही रोक दिया। इसके विरोध में यूनियन के बैनर तले करीब 1500 अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारी उतर आए। सभी ने मिलकर मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, मिल प्रबंधन द्वारा मौके पर पुलिस बल बुला लिया गया। मिल गेट पर नारेबाजी करने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों ने गीता भवन के सामने पेपर मिल गेट से रेलवे रोड से शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी वर्कशाप रोड स्थित मिल के दूसरे गेट तक जुलूस निकाला। इस दौरान मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। बाद में सभी कर्मचारियों ने मिल परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एक घंटे का अल्टीमेटम, फिर मिल में धरना
मिल के अंदर धरना-प्रदर्शन शुरू कर कर्मचारियों ने मिल प्रबंधन को काम पर थोड़ी देरी होने पर सख्ती को छोड़ कर्मियों की रुकी सैलरी पर बातचीत के लिए एक घंटे का समय दिया। इसके करीब दो घंटे बाद तक कर्मचारी मौके पर नारेबाजी करते हुए डटे रहे, किंतु मिल प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी उनसे बातचीत के लिए आगे नहीं आया। इस पर भड़के कर्मचारियों ने मौके पर दरियां मंगवाई और रात की शिफ्ट तक बैठने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने कहा कि वह रात की शिफ्ट में भी कर्मचारियों को काम पर नहीं जाने देंगे। जब तक मिल प्रबंधन द्वारा थोड़ी देरी पर सख्ती को छोड़ रुकी सैलरी जारी करने पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती वह अपना विरोध जारी रखेंगे। उनकी मांग है कि आगे से हर माह की सात तारीख को कर्मियों को वेतन जारी कर दिया जाए।
वर्जन
अप्रैल माह का वेतन जरूर रुका है। उसे जल्द जारी करने का प्रयास रहेगा। कर्मचारी उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने देंगे। जहां तक कर्मियों को रोकने की बात है, वह लेट हो चुके थे। उन्हें कहा गया था कि लेट का समय दर्ज कर अंदर आ जाए।
मो. सैफ, डिप्टी जनरल मैनेजर, बिल्ट पेपर मिल।