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दो दिन बंद रहने के बाद चली बिल्ट पेपर मिल

Mon, 21 Mar 2016 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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ब‌िल्‍ट म‌िल - फोटो : yamunanagar
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यमुनानगर। जाट आरक्षण आंदोलन के चलते बाधित हुई कोयले की आपूर्ति से शहर की बिल्ट पेपर मिल दो दिन बंद रहने के बाद दोबारा चल पड़ी है। इस बात की पुष्टि श्रीगोपाल पेपर मिल लेबर यूनियन के पदाधिकारियों ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस में की। उनकी मानें तो दो दिन मिल नहीं चल पाई, किंतु सोमवार से सभी मशीनें चल पड़ी हैं। उधर, मिल के कर्मियों के वेतन रुकने की बात को स्वीकारते हुए यूनियन ने जल्द हालात में सुधार की बात कही।
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बिल्ट पेपर मिल स्थित यूनियन कार्यालय में प्रधान नरेंद्र त्यागी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के बाद कोयले की आपूर्ति बाधित होने से दिक्कत आई है, किंतु मिल के बंद होने जैसी बात अफवाह है। उन्होंने कहा कि कंपनी अंग्रेजों के समय से चल रही है, जो दो दिन बंद जरूर रही, किंतु मेनटेनेंस के बाद सोमवार से सभी मशीनें चल पड़ी हैं। जिन कर्मियों का वेतन रुका है, उन्हें जल्द हालत में सुधार के बाद बकाया मिलने की आस है।

बता दें कि मिल की ओर से कर्मचारियों का करीब एक माह का वेतन बकाया है। इसके चलते शहर में मिल के बंद होने जैसी अटकलें लगाई जाने लगी थी। इसके मद्देनजर श्रीगोपाल पेपर मिल लेबर यूनियन ने प्रेस कान्फ्रेंस कर इसे अफवाह बताते हुए सिरे से नकार दिया। हालांकि यूनियन द्वारा वेतन रुकने से करीब ढाई हजार कर्मचारियों के प्रभावित होने की बात को सही करार दिया गया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि मिल की ओर से पहले की तुलना में कर्मचारियों की संख्या में भी कमी की गई है, जहां पहले छह हजार कर्मचारी थे वहीं, मौजूदा समय में मिल पर ढाई हजार कर्मचारी रह गए हैं।
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उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए मामले की जांच:
प्रेस कान्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस के पूर्व प्रधान राजकुमार त्यागी ने कहा कि केंद्र में जब से भाजपा के नेतृत्व तथा हरियाणा में भाजपा की मनोहरलाल सरकार सत्ता में आई है, तब से लगातार हर मोर्चे पर सरकार विफल दिख रही है। एसवाईएल के मुद्दे पर जो पानी हरियाणा को मिलना था, वह भी उसके हिस्से से छीन रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों द्वारा जनता व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। ऐसा प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। समाज के सभी वर्गों को मिलकर भाईचारे को कायम रखने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दुर्भावना से अपने विरोधियों के ऊपर झूठे केस बनाकर उन्हें फंसाने में लगी है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्य सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। यह कांग्रेस पार्टी व पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश है, इसलिए उनकी मांग है कि मामले की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराई जाए। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही एसवाईएल का पानी हरियाणा को मिलना चाहिए। इस मौके पर उनके साथ नरेंद्र त्यागी, गुरदयाल पुरी, रामचंद्र बिड़ला, बृजभूषण, सुखदेश शर्मा, उदयभान, सहीराम, प्रवीण कुमार, सूरजभान, भूपेंद्र कांबोज, बृजमोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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