संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उपमंडल बिलासपुर में गंदे पानी की निकासी के लिए दो साल पहले सीवरेज लाइन डाली गई थी। अभी तक सीवरेज लाइन को शुरू भी नहीं किया गया। सीवरेज लाइन भी तभी शुरू होगी जब एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाया जाएगा। दो साल से एसटीपी का कुछ अता पता नहीं है। करीब 21 कराेड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट अब तक अधूरा है।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग अभी तक एसटीपी का काम शुरू भी नहीं करवा पाया है। यदि अब काम शुरू होता भी है तो एसटीपी को पूरा होने में कम से कम डेढ़ से दो साल का समय लग जाएगा। बिलासपुर में गंदे पानी की निकासी का बिलकुल भी प्रबंध नहीं है। शौचालयों का पानी निकासी के लिए बने नालों में जा रहा है।
जब भी बारिश होती है तो नालों का सारा पानी कपालमोचन रोड स्थित सत्संग कॉलोनी, छोटा बस स्टैंड, छछरौली रोड, शिव चौक, अनाज मंडी गेट के सामने, जगाधरी रोड पर पेट्रोल पंप के सामने भर जाता है। वर्ष 2017 में बिलासपुर व साढौरा में एक साथ सीवरेज लाइन डालने के लिए राशि मंजूर हुई थी। बिलासपुर में दो साल पहले सीवरेज लाइन डाल दी गई थी। एसटीपी अभी तक नहीं बना है। बिना एसटीपी सीवरेज लाइन शोपीस बनकर रह गई हैं।
बिलासपुर में कपाल मोचन रोड से लेकर जगाधरी रोड तक और छछरौली रोड से साढौरा रोड तक करीब 35 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन डाली गई है। सीवरेज लाइन में आठ इंच चौड़े पाइप का इस्तेमाल किया गया है। कुछ जगह पर 24 इंच पाइप डाले गए हैं। पूरे कस्बे के गंदे पानी की निकासी साढौरा रोड पर अजात आश्रम के सामने की जानी है। यहां पर जनस्वास्थ्य विभाग को तीन एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना था।
टूटी गलियाें से लोग परेशान
कस्बा निवासी विनोद कुमार, राजेश कुमार, अनिल कुमार, बलजीत सिंह ने बताया कि सीवरेज के पाइप गलियों डाल दिए गए हैं। इसके लिए सारी गालियों को तोड़ दिया गया। सीवरेज लाइन डालने के बाद गलियों की हालत ऐसी हो गई है कि इन पर चलना भी मुश्किल हो गया है। एजेंसी को पाइप डालने के बाद गलियों की मरम्मत भी करनी थी। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई।
जल्द ही काम होगा शुरू : एसडीओ
जनस्वास्थ्य विभाग साढौरा के एसडीओ जफर इकबाल का कहना है कि बिलासपुर में अजात आश्रम के सामने एसटीपी बनाया जाना है। इसे बनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। जहां एसटीपी बनना है वहां लेबर के क्वार्टर बन चुके हैं। जल्द ही एसटीपी का काम शुरू हो जाएगा।