चार माह बाद बुधवार को होने वाली नगर निगम हाउस की दूसरी बैठक का एजेंडा
हाथ में आते ही भाजपा पार्षद भड़क गए हैं। एजेंडे में बदलाव करने की मांग
को लेकर सोमवार सुबह ही पार्षद डीसी के पास पहुंचे। पार्षदों ने डीसी के
सामने एजेंडे को लेकर अपनी राय रखी और इसमें कुछ अन्य मुद्दों को जोड़ने की
मांग की।
भाजपा पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू के नेतृत्व
में सोमवार को डीसी कार्यालय पहुंचे थे। बिट्टू का कहना है कि जो बैठक का
एजेंडा तैयार किया गया है उसमें जनता हित की कोई बात ही नहीं की गई है,
जबकि पूरा एजेंडा जनता के हितों का ध्यान में रखकर मनाया जाना चाहिए था।
उनका
कहना है कि यह तो पूरी तरह से उनके साथ मनमानी है। उनका साफ कहना है कि इस
एजेंडे का बैठक में पूरी तरह से विरोध किया जाएगा। हमारा कोई भी पार्षद
एजेंडे के एक भी मुद्दे से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि बैठक से पहले
एजेंडे का विरोध इसलिए किया जा रहा है, ताकि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों
और जनता हित के ज्यादा से ज्यादा मुद्दों पर दूसरी बैठक में मुहर लग जाए।
इस मौके पर पार्षद प्रीति जौहर, संगीता सिंघल, कर्मवीर सिंह, राणा उपस्थित
रहे।
दो दिन पहले ही दिया एजेंडा
पार्षदाें का कहना है कि दो दिन
पहले ही उन्हें एजेंडा थमाया गया है। शनिवार को उन्हें एजेंडा मिला तो
उसमें देखा कि जनहित के कार्यों को इसमें तवज्जो नहीं दी गई है। उनका कहना
है कि अगर एजेंडे को दोबारा से तैयार किया जाता है तो ठीक है नहीं तो बैठक
में विरोध किया जाएगा। किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं होने दी जाएगी। उनका
कहना है कि हम शहर में विकास चाहते हैं, ताकि जनता को सुविधाएं मिल सकें।
मांगों के लिए संयुक्त आयुक्त से भी मिले
डीसी
से मिलने के बाद पार्षद निगम के संयुक्त आयुक्त नवीन आहूजा से भी मिले।
यहां पर पार्षदाें ने अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द कराने और जो कार्य
शुरू नहीं हो पाए हैं उन्हें जल्द शुरू कराने की मांग की। इसमें रामपुरा की
दो सड़कों का दौरा कर जल्द निर्माण की अनुमति देने और पब्लिक हेल्थ विभाग
से जुड़े अन्य कार्यों कराने की मांग की गई, वहीं पार्षदों के अन्य मुद्दों
को लेकर संयुक्त आयुक्त ने मंगलवार को ही पार्षदों को बुलाया है। जिसमें
समस्याओं से संबंधित विभाग के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक कर मामले
को निपटाने पर विचार किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था को चार जोन में बांटने की फिर तैयारी
यमुनानगर।
बुधवार को होने वाली नगर निगम की बैठक में एक बार फिर से शहर को सफाई के
लिहाज से चार जोन में बांटने का मुद्दा रखा जाएगा। इससे पहले पार्षदों के
चुनाव के बाद हुई निगम हाउस की पहली बैठक में भी यह मुद्दा रखा गया था।
लेकिन इस मुद्दे पर भाजपा पार्षदों ने विरोध जताया तो मामले पर दोबारा से
विचार करने के लिए पेंडिंग रख दिया गया। इतने में विचार कर मामले पर कोई
फैसला लिया जाता इसी बीच सीएम ने गोहाना रैली में नगर निकायों में सफाई
कर्मचारी ठेके पर न रखने की घोषणा करते हुए 8100 रुपये वेतन देने की बात
कही। जिससे निगम अधिकारियों को अपना फैसला टालना पड़ा। लेकिन नए
कर्मचारियों की भर्ती न होने से अब फिर से निगम अधिकारी अपने पुराने फैसले
को बैठक में अमलीजामा पहनाना चाहते हैं। अब यह तो बुधवार का दिन बताएगा कि
शहर की सफाई को लेकर मुद्दे पर विचार बन पाता है या नहीं। या फिर पिछली
बैठक की तरह इस बार भी मामला लटक जाएगा।