संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिस गोबिंदपुरी रोड की डेढ़ साल से सुंदरीकरण की योजना है, उस पर गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क से काम चलाया जा रहा है। ये देख निवर्तमान पार्षद सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सुंदरीकरण के काम पर लाखों खर्च होने हैं तो पैचवर्क करना सरकारी धन की बर्बादी है।
नगर निगम की ओर से गोबिंदपुरी रोड डेढ़ साल पहले ही नगर निगम की ओर से 80 लाख रुपये की लागत से तैयार कराई गई थी। मॉडल टाउन व प्रोफेसर कॉलोनी के बीच से निकल रही यह रोड पुराने एनएच-73 व रेलवे रोड को जोड़ती है। लेकिन गत मानसून में रोड पर कई जगह गड्ढे हुए तो कहीं रोड से निकली बजरी बिखर गई थी।
इतने कम समय में रोड की दशा कैसे बिगड़ी, इस पर जांच के बजाय नगर निगम की ओर से पैचवर्क से गड्ढे भर दिए गए हैं। वहींइसी रोड के सुंदरीकरण पर दिव्य नगर योजना में 81 लाख रुपये भी खर्च किए जाने हैं। रोड पर लगे पैचवर्क को देख निवर्तमान पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज व विनोद मरवाह ने कहा कि नगर निगम द्वारा रोड पर सुंदरीकरण पर जब 81 लाख रुपये खर्च ही किए जाने हैं तो पैचवर्क किए जाने का औचित्य नहीं है।
यह केवल सरकारी धन की बर्बादी है। क्योंकि पैचवर्क कुछ समय ही टिक पाएगा। इसके स्थान पर नगर निगम अफसरों को रोड का पुनर्निमाण कराने सहित सुंदरीकरण के कार्य जल्द शुरू कराने पर ध्यान देना चाहिए, जिसके लिए डेढ़ साल से केवल योजना ही बनाई रही है।
गोबिंदपुरी रोड के सुंदरीकरण का कार्य जल्द होगा। इसके लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। रोड पर गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी न हो, इसलिए मरम्मत के कार्य किए जा रहे हैं।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।