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Yamuna Nagar News: निदेशालय के आदेशों के बाद भी स्कूलों में बदहाल मिलीं मूल सुविधाएं

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंभौली की भाषा प्रयोगशाला का निरीक्षण करते डीपीसी। विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में मूल सुविधाओं की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करने के निदेशालय के आदेशों का प्राचार्यों व मुखियाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा है। यही कारण कि विद्यालयों में शौचालय, पेयजल जैसी मूल सुविधाएं दुरुस्त नहीं है। स्कूलों में सुविधाएं दुरुस्त होने के प्राचार्यों व मुखियाओं के दावों की पोल डीपीसी के निरीक्षण के दौरान खुली।
जिला परियोजना अधिकारी केएस संधावा ने बुधवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कैल, राजकीय माध्यमिक विद्यालय भंभौली, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भंभौली और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंभौली समेत विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध पेयजल, शौचालय, सफाई और प्रयोगशालाओं की स्थिति देखी गई। इस दौरान कुछ विद्यालयों में शौचालय और पेयजल को लेकर अव्यवस्था दिखाई दी।
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कुछ विद्यालयों में शौचालय और पेयजल सुविधाओं से संबंधित कमियां सामने आने पर संबंधित विद्यालय मुखियाओं को इन्हें एक सप्ताह के भीतर दूर करने के आदेश दिए। निर्धारित अवधि के बाद भी यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं मिला तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंभौली में भाषा प्रयोगशाला की स्थिति अत्यंत खराब मिली। प्रयोगशाला का नियमित उपयोग नहीं किए जाने के संकेत मिले। इस पर संधावा ने प्रयोगशाला प्रभारी और विद्यालय प्राचार्य को मौके पर बुलाकर प्रयोगशाला को दो दिन के भीतर दुरुस्त कर विद्यार्थियों के उपयोग के लिए चालू करने के आदेश दिए। दोबारा निरीक्षण में स्थिति संतोषजनक न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
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विभागीय राशि का निर्धारित उपयोग किया जाए : संधावा
जिला परियोजना अधिकारी केएस संधावा ने विद्यालय मुखियाओं को कहा कि पेयजल, स्वच्छता और शौचालय सुविधाओं के रखरखाव व सुधार के लिए हाल में उपलब्ध करवाई राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग किया जाए। विद्यालयों की प्रयोगशालाओं का विद्यार्थियों की व्यावहारिक शिक्षा में उपयोग होना चाहिए। विज्ञान, इंटेल, जीव विज्ञान और भाषा प्रयोगशालाओं को नियमित रूप से संचालित किया जाए। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और विभागीय राशि के उपयोग में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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