संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दस दिन से पंडालों व घरों में विराजमान गणपति बप्पा की आज विदाई हो जाएगी। श्रद्धालु बप्पा की मूर्ति को श्रद्धा के साथ पानी में विसर्जित करेंगे। वहीं इस दौरान कोई अनहोनी न हो इसके लिए प्रशासन की तरफ से भी कई बंदोबस्त किए गए हैं।
जिन घाटों पर विसर्जन होगा वहां मोटर बोट, गोताखोर के अलावा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) तैनात की गई है। यही नहीं पटवारी भी नौका पर बैठकर नौका को चलाएंगे। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों की तैनाती के अलावा पुलिस की भी निगरानी रहेगी। यही नहीं कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड से गोताखोरों को भी यहां पर तैनात किया गया है। उधर, गणपति विसर्जन को नगर निगम की तरफ से घाटों की सफाई कराई जा चुकी है।
दोनों शहरों में लगे हैं 200 से ज्यादा पंडाल
वैसे गणपति विसर्जन के दौरान निर्धारित सीमा तय रहेगी। यहां तक जल में विसर्जन के दौरान कर्मचारी भी सहयोग करेंगे। उधर, शहर में गणपति उत्सव की धूम रही। यमुनानगर व जगाधरी, दोनों शहरों में करीब 200 जगह गणपति पंडाल लगाए गए। 28 सितंबर यानी आज विसर्जन के दिन घरों में स्थापित गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए भी हजारों लोग पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर जुटेंगे।
यहां-यहां जुटेगी भीड़
जगाधरी में फतेहपुर पुल के पास, आजाद नगर, हमीदा हेड, बाडी माजरा, जम्मू काॅलोनी के अलावा कई जगहों पर गणपति जी की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। ऐसे में हजारों की संख्या में श्रद्धालु वाहनों में सवार होकर नहर किनारे पहुंचेंगे। सबसे ज्यादा भीड़ बाडी माजरा पुल पर जुटती है। वाहनों पर गणपति प्रतिमा को रख कर व डीजे की धुनों पर नाचते हुए श्रद्धालु नहर पर पहुंचते हैं। इतना ही नहीं विसर्जन से पहले श्रद्धालु प्रतिमाओं के कान में बोल कर उनकी मुरादें पूरी करने को कहते हैं।
गणपति विसर्जन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मोटर बोट के अलावा गोताखोर, एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेगी। इसके अलावा अन्य कर्मचारी और पुलिस कर्मी भी रहेंगे। - तरुण सहोता, डीआरओ।