बापा गांव प्राचीन मैदानेश्वर महादेव मंदिर
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रादौर। रादौर के बापा गांव में प्राचीन मैदानेश्वर महादेव मंदिर है। यहां खुले आसमान के नीचे भगवान शिव की पूजा होती है। इस मंदिर के साथ 40 से ज्यादा गांवों के लोगों की आस्था जुड़ी है। मंदिर पर छत नहीं है। कई बार भक्तों ने छत डालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए। मंदिर के पुजारी के मुताबिक महादेव की इच्छा है कि खुले में कुंडी स्थापित हो। प्राचीन बात के अनुसार यहां राक्षी नदी बहती थी। जब भी नदी का उग्र रूप होता था तो भगवान शिव की पिंडी व शिवलिंग को छूने के बाद ही रौद्र रूप शांत होता था।
मैदानेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग के ऊपर आज तक छत नहीं डाली जा सकती है। शिवलिंग के ऊपर ग्रामीणों ने कई बार छत डालने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए। पुजारी बताते हैं ऐसी मान्यता है प्राचीन काल में खुदाई के दौरान शिवलिंग पाया गया था। जिसके बाद में मंदिर स्थापित किया गया। मंदिर की खासियत यह है कि शिवरात्रि के दिन यहां सभी धर्मों के लोग मंदिर में माथा टेकने पहुंचते हैं। नवविवाहित जोड़े हर वर्ष शिवरात्रि के दिन अपने सुखद जीवन की कामना को लेकर मन्नत मांगने पहुंचते हैं। बता दें यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। लोग दूर-दूर से यहां माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। इतना ही नहीं कई लोग तो मन्नत पूरी होने पर यहां भंडारा भी देते हैं।