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बैंकों में छुट्टियां और एटीएम कैशलेस, वैकिल्पक व्यवस्था न होने से परेशान उपभोक्ता

Sat, 10 Dec 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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नोटबंदी के बाद कैश किल्लत से परेशान उपभोक्ताओं की दिक्कतें शनिवार से और भी ज्यादा बढ़ गई। हालांकि शनिवार को बैंक की पहली छुट्टी थी, मगर लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी। कैश की आस में लोग एटीएम पर भटकते रहे, मगर वहां से भी उन्हें निराश ही होकर लौटना पड़ा। जिन एटीएम में कैश था, वहां उपभोक्ताओं को लंबी लाइन में लगना पड़ा।
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बैंकों में तीन की छुट्टियां हैं, ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए एटीएम ही सहारा थे। मगर शनिवार को भी अधिकतर एटीएम बंद रही रहे और उनमें कैश नहीं मिला। जिले में करीब दो सौ एटीएम हैं, मगर कैश किल्लत की वजह से एक तिहाई एटीएम भी नहीं चल पा रहे हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था न होने से बढ़ी परेशानी:
बैंकों में तीन दिन की छुट्टियों को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं थी। कैश न होने के कारण अधिकतर एटीएम बंद हैं। छुट्टियों में कितने एटीएम चलेंगे और कितना कैश डाला जाए, इसके लेकर भी कोई प्लानिंग नहीं की गई। जिससे भी उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लीड बैंक मैनेजर विपिन सरीन ने बताया कि सभी एटीएम के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा चुका है। कैश न होने की वजह से एटीएम वर्किंग नहीं हो पा रहे हैं।
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छोटे-छोटे सामान के लिए नगदी जरूरत है:
कारी सईदुजमा का कहना है कि   बैंक बंद होने से परेशानी हो रही है। पहले ही बैंक में नगदी कम आ ही है। दो दिन बार बैंक गया था, लेकिन वहां से नगदी नहीं मिली। एक बार सिर्फ दो हजार रुपये ही मिले थे। त्योहार पर खर्च बढ़ जाता है। बच्चों भी कुछ मांग ले तो मना नहीं होता है। हर छोटे छोटे खर्च के लिए डिजिटल पेमेंट नहीं की जा सकती है। हर काम के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है।

अतिरिक्त व्यवस्था होनी चाहिए थी:
मौलाना इकबाल का कहना है कि त्योहार से पहले प्रशासन को कोई व्यवस्था करनी चाहिए थी। खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के क्षेत्र में, जिन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। उन बैंकों में अतिरिक्त कैश भेजना जाना चाहिए था और वहां के एटीएम में भी अतिरिक्त कैश डाला जाना चाहिए। संभव होता तो समुदाय विशेष के लिए एक से दो बैंक शाखा को भी खोलना चाहिए था।

एटीएम ने भी किया नाउम्मीद:
नसीम का कहना है कि वह बैंक गए थे, लेकिन वहां से पर्याप्त नगदी नहीं मिली थी। ऐसे में नगदी निकालने के लिए दिन में कई एटीएम पर गया था, लेकिन उन्हें हर अेार से नाउम्मीद होकर ही लौटना पड़ा। एक एटीएम में नगदी होने की जानकारी मिला थी। लेकिन तक वहां पहुंचा, तब तक एटीएम खाली हो चुका था।

जिला प्रशासन ने शुरू किया जागरूकता अभियान:
नोटबंदी की वजह से आ रही परेशानी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने जागरुकता अभियान शुरू किया है। जिसमें सीएससी में शिविर लगा कर उपभोक्ताओं को डिजिटल बैंकिंग व लेने-देने के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने बिलासपुर व जगाधरी डिवीजन में शेड्यूल भी बना लिया है।  
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