दो दिनों की बैंक में छुट्टी के साथ कैशलेस एटीएम की वजह से लोग संडे को परेशान रहे। आमतौर पर संडे को छुट्टी होने के कारण लोग खरीददारी को निकलते हैं, लेकिन संडे को भी बाजार सुनसान ही रहे। नोटबंदी के बाद अब दो हजार रुपये का नया नोट भी लोगों के लिए परेशानी बन गया है। सब्जी मंडी में खरीददारी करने आए लोग दो हजार का नोट लेकर घुमते रहे, मगर उन्हें छुट्टे ही नहीं मिले।
नोटबंदी के 18 दिन बाद पहला ऐसा मौका था जब शनिवार व रविवार को बैंक लगातार दो दिन बंद रहे। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। ऐसे में लोगों का सहारा एटीएम थे, मगर करीब सवा सौ एटीएम अब भी बंद हैं। जिले में अब तक करीब 97 एटीएम ही वर्किंग हो पाए हैं। करेंसी की किल्लत के कारण बाजार भी सुनसान ही रहे।
दो हजार के नोट से बनी परेशानी:
बैंक में लोगों को दो-दो हजार रुपये के नोट मिल रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत लोगों को सब्जी मंडी में हुई। यमुनानगर सब्जी मंडी में आए मोहित राणा ने बताया कि बैंक से दो-दो हजार रुपए के नोट मिले थे। वह संडे को मंडी में सामान लेने के लिए आया था। जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। कोई भी दो हजार रुपये का नोट लेने को तैयार नहीं था। सौ रुपये के सामान के बदले को दो हजार रुपये के छुट्टे देने को तैयार नहीं हुआ। बड़ी मुश्किल से जैसे तैसे काम चलाया। इसी तरह की परेशानी से जोगिंद्र नगर निवासी हरविंद सिंह से दो-चार हुआ। उन्हें भी मंडी में दो हजार रुपये के नोट से खरीददारी करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा मंडी में सब्जी विक्रेता दस-दस रुपये के सिक्के भी लेने मेें आनाकानी कर रहे हैं।
नोटबंदी के विरोध में बंद का आह्वान आज:
केंद्र सरकार की ओर से नोटबंदी के खिलाफ विभिन्न दलों द्वारा सोमवार को बंद का आह्वान है। अब देखना यह होगा कि बंद को लेकर ट्विन सिटी में लोगों का रवैया कैसा रहेगा। हालांकि सोमवार को यमुनानगर के बाजार पहले ही बंद रहते हैं, जबकि जगाधरी के बाजार खुलते हैं।
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दोपहर बाद एटीएम में पहुंचा कैश, लग गई लाइनें:
जिले में अब तक करीब 97 एटीएम ही वर्किंग हो पाए हैं। रविवार को कई एटीएम में दोपहर बाद कैश डाला गया। एटीएम में कैश लोड होने का पता लगाते ही बाहर लाइनें लग गई। लोगों ने कतारों में लग कर नगदी निकाली, जिनमें महिलाएं भी शामिल रही। नगर निगम कार्यालय के पास लाइन में लगे सुरेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले बैंक में गए थे, लेकिन वहां से नगदी नहीं मिल पाई। ऐसे में संडे को छुट्टी थी और उन्हें पता चला कि एसबीआई के एटीएम में नगदी निकल रही है। जिस कारण वह लाइन में आकर लग गए हैं। सुरेश का कहना है कि हर छोटे-बड़े काम के लिए पैसों की जरूरत पड़ रही है। मगर बैंकों में भी पर्याप्त नगदी नहीं मिल रही है। ऐसा ही हाल कमानी चौक व महाराजा अग्रसेन चौक स्थित एसबीआई के एटीएम के बाहर भी देखने को मिला। यहां शाम को एटीएम में कैश उपलोड किया गया व बाहर लाइनें लग गई।
रेलवे कालोनी के लोग भी करेंसी न मिलने से परेशानी में:
जगाधरी वर्कशाप तथा रेलवे कालोनी के लोग भी करेंसी न मिलने से परेशान हैं। क्षेत्र में बैंकों की तीन शाखाएं हैं, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से लोगों को पर्याप्त नगदी नहीं मिली रही है। एनयूआरएम के नेता मनजीत सिंह का कहना है कि बैंकों के यहां तीन एटीएम भी हैं, जिनमें से एक अधिकतर खराब ही रहता है। इसके अलावा बैंक में भीड़ भी ज्यादा रहती है और लोगों को दो-दो हजार रुपये ही मिल पाते हैं। नई करेंसी न मिलने की वजह से लोगों को परेशानी बनी हुई है।