संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला पर्यावरण मानीटरिंग कमेटी की चेयरपर्सन रणजीत कौर की अध्यक्षता में सोमवार को कमेटी की पहली बैठक की गई। बैठक में एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पर्यावरण की शुद्धता के लिए एक बार प्रयोग किए जाने वाले प्लास्टिक पर रोक लगाने का काम करें। साथ ही इसके निर्माण और बिक्री करने वालों का चालान करें।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक जहां नालों में पानी निकासी बंद हो जाती है। वहीं ठोस कचरे में इसे जलाने से जहरीली गैस पैदा होती है। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की पर्यावरण कमेटी के निर्देश पर जिला स्तर पर भी पर्यावरण मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस बैठक में जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कूड़ा प्रबंधन, तरल कूड़ा प्रबंधन, उद्योगों से निकलने वाले कचरे, ई-वेस्ट, बायो मेडिकल, घरेलू कूड़े के प्रबंधन और अवैध खनन से जुड़े विभिन्न पहलूओं पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि इस समिति की बैठक प्रतिमाह आयोजित की जाएगी और सभी विभागों द्वारा पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। सरकार ने प्लास्टिक का सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल करने की तकनीक को अपनाया है और लोक निर्माण विभाग को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन के लिए नोडल विभाग बनाया गया है।
इस अवसर पर डीएसपी मुख्यालय सुभाष चंद, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी निर्मल कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार, कार्यकारी अभियंता नगर निगम रवि ओबराय, जिला खनन अधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ अनिल काम्बोज सहित समिति के सभी सदस्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।