संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले की सीमा के भीतर धान की फसल की कटाई के बाद पराली को न जलाएं, क्योंकि धान की फसल के अवशेषों को जलाने से वायु प्रदूषण होता है। उससे मनुष्य के स्वास्थ्य, संपत्ति की हानि, तनाव, क्रोध या मानव जीवन को खतरे की आशंका रहती है।
आग लगने से आसपास के क्षेत्रों में जानमाल की हानि भी हो सकती है। साथ ही चारे की भी कमी हो जाती है जबकि उन अवशेषों से पशुओं के लिए तूड़ी (चारा) बनाया जा सकता है। कैप्टन मनोज कुमार ने भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत जिले में तुरंत प्रभाव से धान की फसल के बचे हुए अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति, समय की कमी व परिस्थितियों के दृष्टिगत में यह आदेश संबंधित व्यक्तियों की अनुपस्थिति में पारित करता हूं। इन आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो वह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंड का पात्र होगा। यह आदेश खरीफ सीजन समाप्त होने तक प्रभावी रहेंगे।