साढौरा। पीएम श्री राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सालेहपुर में इतिहास के प्राध्यापक एवं साहित्यकार बलदेव राज भारतीय के व्यंग्य संग्रह कुछ उरे परे की को हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने व्यंग्य विधा में वर्ष की श्रेष्ठ कृति पुरस्कार के लिए चुना है। इस उपलब्धि से क्षेत्र के साहित्यिक व शैक्षणिक जगत में हर्ष की लहर है। मूल रूप से खंड सढौरा के गांव असगरपुर के निवासी बलदेव राज भारतीय पिछले करीब 28 वर्षों से साहित्य सृजन में सक्रिय हैं। सामाजिक विसंगतियों पर तीखा किंतु सधा हुआ प्रहार करने वाली उनकी पुरस्कृत कृति कुछ उरे परे की आम जनजीवन के अंतर्विरोधों को सहज हास्य-व्यंग्य के माध्यम से उजागर करती है। संवाद