संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दो महीने पहले जिले के करीब 135 होटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो दमकल विभाग ने दोबारा जांच करने की जहमत नहीं उठाई। वहीं 170 कोचिंग सेंटरों की जांच तक नहीं की गई।
जिले में छोटे-बड़े मिलाकर 200 से अधिक होटल संचालित हो रहे हैं। इनमें से दमकल विभाग ने महज 135 होटलों को ही जांच के दायरे में लाकर नोटिस थमाए थे। शिकायतें मिली थीं कि अधिकतर होटलों में आग से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। नोटिस जारी करते समय अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे।
कहा था कि तय समय सीमा में अग्निशमन उपकरण और एनओसी न दिखाने वाले होटलों को सील किया जाएगा या उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद विभाग सब कुछ भूल गया। न तो होटल संचालकों ने फायर सेफ्टी के इंतजाम किए और न ही दमकल अधिकारियों ने दोबारा वहां जाकर देखना मुनासिब समझा।
वहीं होटलों की जांच के समय विभाग ने दावा किया था कि इसके बाद जिले भर के कोचिंग सेंटरों का गहन निरीक्षण अभियान शुरू होगा। परंतु आज तक एक भी कोचिंग इंस्टीट्यूट में दमकल अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं। शहर और आसपास के इलाकों में करीब 170 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां रोजाना हजारों छात्र भविष्य संवारने पहुंचते हैं।
सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलने वाले इन सेंटरों में अग्नि सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि अधिकांश कोचिंग सेंटर इमारतों की पहली, दूसरी या तीसरी मंजिल पर स्थित हैं, जहां चढ़ने और उतरने के लिए मात्र ढाई से तीन फीट चौड़ी संकरी सीढ़ियां हैं।
आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई भी इमरजेंसी एग्जिट या फायर एग्जिट नहीं बनाया गया है। दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में कोचिंग सेंटरों में हुए भीषण अग्निकांड से भी स्थानीय प्रशासन और विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। कार्रवाई न होने से कोचिंग संचालक बेखौफ हैं और छात्रों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहे हैं।
अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से कराएंगे पालन : कपिल
जिला दमकल अधिकारी कपिल का कहना है कि अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जिन होटल संचालकों को नोटिस दिए गए थे। जल्द ही एक विशेष टीम गठित कर होटलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दमकल कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है, जिस कारण स्टाफ की भी कमी चल रही है। जल्द ही कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू कर फायर एनओसी व अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी।