कलेसर वन रेंज में खैर के बेशकीमती पेड़ों को काट रहे तस्करों और वन विभाग के टीम के बीच मुठभेड़ हो गई। वनकर्मियों ने जब तस्करों को पेड़ काटने से रोका तो उन्होंने तेजधार हथियार से हमला कर दिया और मौके से भागने लगे। वनकर्मियों ने पीछा कर दो युवकों को पकड़ लिया। हमले में वनकर्मी दीपक बुरी तरह से जख्मी हो गया। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में वनकर्मी दीपक ने बताया कि वो वन दरोगा जसवंत सिंह, प्रदीप, योगेश के साथ गश्त पर थे। तभी उनको गलोड बेल्ली में लकड़ी कटने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वो सभी जंगल की ओर गए। अंदर जाकर देखा तो चार-पांच तस्कर आरे से लकड़ी काट रहे थे। तस्करों को लकड़ी काटता देख उन्होंने सभी को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन तस्करों ने उन पर तेजधार आरे से हमला कर दिया और एक देसी कट्टे से फायर भी किया। हमले में दीपक घायल हो गया, लेकिन फिर भी घायल कर्मचारियों ने दो तस्करों को काबू कर लिया। बाकी अंधेरे का फायदा उठाकर यूपी की ओर भागने में कामयाब रहे। उन्होंने बताया कि मौके से लकड़ी बरामद कर रेंज कार्यालय में रखवा दी है। पकड़े गए तस्करों की पहचान गांव जानीपुर निवासी वकील और इसरार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि उनके साथ गांव के ही आसिफ,जमशेद, बूढ़ा भी थे। पकड़े गए तस्करों व तेजधार औजारों को वन विभाग के कर्मचारियों ने पुलिस के हवाले कर दिया है।
इस बारे में प्रतापनगर थाना प्रभारी सुभाष चंद का कहना है कि घायल वनकर्मी दीपक की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।