-एप के माध्यम से ग्रामीण जान सकेंगे अपने गांव के भूजल का कितना लेवल, अटल भूजल योजना के तहत सिंचाई विभाग डार्क जोन में आ चुके गांवों में डाउनलोड करा रहा एप
सुरेश सैनी
यमुनानगर। जिले का पानी लगातार धरती में समा रहा है। इसके चलते जिले के चार ब्लॉक जगाधरी, साढौरा, सरस्वती नगर और रादौर डार्क जोन में आ चुके हैं। यहां लेवल हर साल तीन फीट नीचे जा रहा है। वहीं इन ब्लॉकों के 251 गांवों की एक-एक बूंद को बचाने में सिंचाई विभाग जुट गया है। ऐसे में विभाग ने अब अटल भूजल योजना के तहत अटल भूजल एप के जरिए पानी को बचाने की नई कवायद शुरू की है। इस एपको डार्क जोन में आने वाले गांवों के ग्रामीणों के मोबाइल में डाउन लोड कराया जा रहा है ताकि उन्हें अपने गांव के भूजल लेवल के बारे में पूरी जानकारी मिल सके।
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14 गांवों में कराया जा चुका डाउनलोड
सिंचाई विभाग अटल भूजल एप को ब्लॉक रादौर, सरस्वती नगर और जगाधरी के 14 गांवों में डाउनलोड करा चुका है। अब अगले चरण में साढौरा में डाउनलोड कराया जाना है। एपएप की खास बात ये है इससे जहां वाटर लेवल के बारे में जानकारी मिलेगी, वहीं उस क्षेत्र में कितनी बारिश हुई, कितने ट्यूबवेल रजिस्टर्ड, पीजोमीटर के तहत कितने ट्यूबवेल सही पानी दे रहे हैं के अलावा गांव की संख्या, गांव का क्षेत्रफल आदि के बारे में भी पूरी जानकारी मिलेगी। बता दें विभाग के अनुसार पानी का स्तर नीचे जाने की बड़ी वजह धान की खेती है। ऐसे में धान की खेती की जगह बाजरे की खेती करने पर जोर भी दे रहा है। ऐसे में विभाग मुफ्त में अभी तक 295 किसानों को 492 एकड़ के लिए 738 किलोग्राम बाजरा बांट चुका है।
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93 से अधिक लगाई जा चुके पीजोमीटर
अटल भूजल योजना के तहत विभाग की तरफ से 93 से अधिक पीजोमीटर लगाए जा चुके हैं। ये पीजोमीटर भी डार्कजोन में आ चुके गांवों के ट्यूबवेलों पर लगाए जा चुके हैं। इससे पानी की गुणवत्ता जानने के तहत लगाए जा रहे हैं।
वर्जन
14 गांवों में कराया गया डाउनलोड
अटल भूजल एप अभी तक 14 गांवों में डाउनलोड कराया जा चुका है। इससे उसी के गांव की पानी की गुणवत्ता के अलावा वहां का लेवल तथा बारिश व गांव की जनसंख्या के बारे में भी पता चल सकेगा। ये उन्हीं गांवों में डाउनलोड कराया जा रहा है जो डार्क जोन में आ चुके हैं।
-भूपेंद्र सिंह, आईईसी विशेषज्ञ अटल भूजल योजना, सिंचाई विभाग।