पांचवें दिन की हड़ताल के दौरान स्कूल शिक्षामंत्री निवास पर ज्ञापन देने जा रही आशा वर्कर्स को पुलिस ने महाराजा अग्रसेन चौक पर बैरिकेड्स लगाकर रोकने के प्रयास से टकराव की स्थिति बन गई। आशाओं ने बैरिकेड्स लांघने व हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने आशाओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जिस पर वे भड़क गईं और पुलिस व आशाओं में झपड़ हुई। इस दौरान भारी उमस के कारण अचानक तबीयत बिगड़ने से एक आशा वर्कर बेहोश होकर गिर गई। जिससे स्थिति और ज्यादा विकट हो गई और पुलिस सहित प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। प्रदर्शन को लेकर मौके पर एंबुलेंस तैनात की गई थी। जिससे बेसुध आशा वर्कर को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी के कारण ऐसी दिक्कत आई थी। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने शिक्षामंत्री से प्रतिनिधिमंडल को मिलवाने का आश्वासन दिया। जिस पर टकराव तो रुक गया, लेकिन वर्कर्स ने वहीं बैठक कर जगाधरी पांवटा नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मंत्री कंवरपाल से मिलवा कर और आशाओं ने ज्ञापन दिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ आशाएं लौट गईं।
बता दें कि स्कूल शिक्षामंत्री की सुबह नौ बजे प्रतापनगर से तिरंगा यात्रा थी और वहीं दूसरी तरफ रादौर में मुख्यमंत्री का जनसंवाद कार्यक्रम था। ऐसे में पुलिस सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी यूनियन संगठन पदाधिकारियों को समझाते रहे। मंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात व बैठक करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद बात बनी। बता दें कि तीन दिन आह्वान के साथ हुई शुरु आशाओं की हड़ताल 17 अगस्त तक बढ़ गई है। शनिवार को पांचवां दिन रहा और इस दौरान आशाओं ने स्कूल शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देने व घेराव की चेतावनी दी थी। इसके लिए आशा वर्कर्स सिविल अस्पताल की पार्किंग में एकत्र हुई। यहां से जुलूस निकालती हुईं महाराजा अग्रसेन चौक पर पहुंची तो पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया। हड़ताल का नेतृत्व जिला प्रधान नीरू बाला ने किया। जबकि अध्यक्षता जिला उप प्रधान रेखा बकाना ने की। प्रदर्शन का संचालन जिला सचिव राजेश ने किया।
प्रतिनिधिमंडल में आशा यूनियन जिला प्रधान निरुबाला, जिला सचिव राजेश, कैशियर कमलजीत, उप-प्रधान रेखा बकाना, सुनीता साबेपुर, सुनीता साढौरा, सीटू जिला प्रधान रामकुमार कांबोज, विनोद त्यागी, एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौदे, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज शामिल रहे।