जगाधरी। आशा वर्कर्स की हड़ताल बुधवार को एक महीने की हो गई। बुधवार को हड़ताल का 30वां दिन रहा। एक महीना होने के बाद भी सरकार ने आशा कर्मियों की मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया। जिससे आशा कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
बुधवार को कर्मचारी अनाजमंडी स्थित धरना स्थल पर एकत्रित हुईं। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन, हरियाणा अध्यापक संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने आशा कर्मियों को समर्थन दिया। इस दौरान हड़ताल की अध्यक्षता मुस्तफाबाद ब्लॉक प्रधान नीलम कुमारी ने की। जबकि संचालन कृष्णा ने किया। यहां जिला प्रधान नीरूबाला, जिला सचिव राजेश कुमारी, कोषाध्यक्ष करमजीत ने कहा कि सरकार महिलाओं के प्रति गंभीर नहीं है।
नीरू बाला ने कहा कि 28 अगस्त को सरकार ने आशाओं के प्रति दमनकारी रवैया अपनाया। जिसे नजर अंदाज नहीं किया जाएगा। आशा कर्मी सरकार की इस नीति का पुरजोर और अंतिम छोर तक विरोध करेंगी। आशा वर्कर्स में सरकार की दमनकारी नीति के प्रति काफी रोष है। इस दौरान प्रेस सचिव कामिनी गोयल, मीना रानी, सुदेश देवी, कविता रानी, मीरा कुमारी, रितु रानी, लक्ष्मी देवी, राम कुमारी, सुखविंद्र कौर सहित अन्य उपस्थित रहीं।