रादौर। पिपली में होने वाली बैठक के लिए बसों व निजी वाहनों से रवाना हुईं जिले की आशा कर्मियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर त्रिवेणी चौक पर रोक लिया। इस पर गुस्साईं आशा कर्मियों ने चौक के समीप ही सड़क किनारे धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। थाना रादौर प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने आशा कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, तब भी उन्होंने धरना जारी रखा। बाद में जिला प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने आशा कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, पर वह नहीं मानीं। बुधवार देर शाम तक खबर लिखे जाने तक आशा कर्मियों का धरना जारी रहा।
आशा कर्मियों में इंदु शर्मा, सुरेखा बकाना, पूनम, गीता, सीमा, उषा, ममता शर्मा, अंग्रेजो देवी, परमिला, ज्योति, सुदेश, पूजा ने बताया कि सरकार एनएचएम व कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने व नौकरी पक्की करने का काम कर रही है। सरकार अन्य कर्मचारियों को 15 से 30 हजार रुपये वेतन के रूप में दे रही है, पर आशा कर्मियों को सबसे कम वेतन दिया जा रहा है। इससे आशा कर्मियों को घर चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार से मांग है कि उनका वेतन 26 हजार रुपये किया जाए, दूसरे कर्मचारियों की तरह सुविधाएं दी जाएं। साथ ही उनकी नौकरी पक्की की जाए।
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