फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: केबिनेट मंत्री के आश्वासन के बाद आशा वर्करों ने धरना किया खत्म

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। मांगी गई मांगों को पूरा नहीं करने के विरोध में जिलाभर की आशा वर्करों ने शुक्रवार को जगाधरी में गुप्ता पैलेस के सामने धरना दिया। काफी संख्या में आशा वर्कर एकत्रित हुई। वह केबिनेट मंत्री कंवरपाल के आवास का घेराव करना चाहती थी, लेकिन मंत्री के बुलावे पर एक प्रतिनिधि मंडल मंत्री से मिलने के लिए गया। उन्हें पुलिस एक कार में लेकर गई थी। मंत्री ने आशा वर्करों को आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री से उनकी बात कराएंगे। जिसके बाद आशा वर्करों ने अपना धरना खत्म कर दिया। हालांकि विरोध स्वरूप उन्होंने गुप्ता पैलेस से लेकर अग्रसेन चौक तक रोष मार्च निकाला। इसके बाद सभी घर को लौट गई।
आशा वर्कर्स एसोसिएशन की जिला प्रधान नीरू बाला ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर में आशा वर्करों ने कई माह तक बड़ा आंदोलन किया था। सभी वर्कर्स हड़ताल पर थी। जिसके बाद सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था। जिसमें उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था। परंतु अब मुख्यमंत्री ने उनकी फाइल को रोक दिया है। इससे सभी आशा वर्करों में रोष है। केबिनेट मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए सभी आशा गुप्ता पैलेस के सामने एकत्रित हुई थी। पुलिस उन्हें मंत्री से बातचीत कराने के लिए कार में लेकर गई। इस प्रतिनिधि मंडल में जिला प्रधान नीरू बाला, सुनीता साबपुर, उपप्रधान आरती सातिया, मीडिया प्रभारी कामिनी गोयल, उपप्रधान रेखा बकाना, एसकेएस से गुलशन भारद्वाज, रामकुमार कांबोज व विनोद त्यागी शामिल थे। मंत्री ने सीएम से बातचीत कराने का आश्वासन दिया तो आशा वर्करों ने उन्हें अपना मांग पत्र सौंप दिया। प्रतिनिधि मंडल ने आशा वर्करों को मंत्री से हुई बातचीत के बारे में बताया। इस दौरान अग्रसेन चौक तक आशा वर्करों ने रोष मार्च भी निकाला। उनके धरने प्रदर्शन व मंत्री के आवास का घेराव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त कर रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं इस धरने पर आ रही कलानौर निवासी आशा वर्कर ऊषा देवी को अग्रसेन चौक के पास एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी। जिससे उन्हें चोट लगी। ऊषा देवी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें