संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज के एफडीपी सेल की ओर से शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शिक्षकों को एआई के बढ़ते प्रभाव, उपयोगिता और शिक्षण कार्य में इसके व्यावहारिक प्रयोग की जानकारी दी गई।
मुख्य वक्ता कंप्यूटर साइंस विभाग की प्राध्यापिका वंशिका और शिखा रहीं। वंशिका ने कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों के लिए नई तकनीकों की जानकारी होना जरूरी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। इसका विवेकपूर्ण और जिम्मेदारी से इस्तेमाल शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रचनात्मक बना सकता है।
शिखा ने एआई की मूल अवधारणा, शिक्षा क्षेत्र में इसकी भूमिका और दैनिक शिक्षण कार्य में इसके उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तकनीकी साधनों का समझदारी से प्रयोग शिक्षण को सरल और रोचक बनाने में सहायक है। उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल अध्ययन सामग्री तैयार करने, जानकारी जुटाने, विचारों को व्यवस्थित करने में किया जा सकता है।
उन्होंने तथ्यों की जांच और सावधानी बरतने पर जोर दिया गया। उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासा शांत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता एफडीपी सेल की कनवीनर डॉ. मीनाक्षी सैनी ने की। कार्यक्रम के आयोजन में मनिका, पूजा सिंदवानी, ज्योति, नीलम और ईशी ने सहयोग दिया।