संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के नीकू (न्यूबॉर्न इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड को अब निजी अस्पतालों की तर्ज पर आधुनिक और बच्चों के अनुकूल बनाया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से वार्ड में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे उपचार के लिए आने वाले बच्चों को अस्पताल जैसा माहौल महसूस न हो और उनका डर कम किया जा सके।
अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले छोटे बच्चे अक्सर इंजेक्शन, दवाइयों और मशीनों को देखकर घबरा जाते हैं। कई बार बच्चे रोने लगते हैं और अस्पताल आने से भी डरने लगते हैं। इसी समस्या को देखते हुए अब नीकू वार्ड को आकर्षक और मनोरंजक रूप दिया जा रहा है।
वार्ड की दीवारों पर कार्टून चित्र, रंग-बिरंगे पेंट और बच्चों को पसंद आने वाले डिजाइन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा वार्ड में खिलौने, खेल सामग्री और अन्य मनोरंजक साधन भी रखे जाएंगे। इससे बच्चे इलाज के दौरान सहज महसूस करेंगे और उनका ध्यान दर्द व डर से हटेगा। निजी अस्पतालों में बच्चों के वार्ड को काफी आकर्षक तरीके से तैयार किया जा रहा है, जिससे बच्चे जल्दी ही घुल-मिल जाते हैं।
इसी सोच के तहत जिला अस्पताल में भी यह पहल शुरू की गई है। वार्ड में साफ-सफाई, बेहतर रोशनी और आरामदायक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों का मानसिक रूप से सहज रहना उपचार में भी मददगार साबित होता है। जब बच्चा तनावमुक्त रहता है तो उसका इलाज बेहतर तरीके से हो पाता है। अस्पताल में आने वाले अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि बच्चों के लिए इस तरह का माहौल बनने से उन्हें अस्पताल में संभालना आसान होगा और बच्चे भी उपचार के दौरान कम घबराएंगे। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही वार्ड पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आएगा।
जिला अस्पताल में आने वाले अधिकांश छोटे बच्चे अस्पताल के माहौल से डर जाते थे। इंजेक्शन, दवाइयों और मशीनों को देखकर वे रोने लगते थ। कई अभिभावक बच्चों के तनाव और डर की शिकायत करते थे।
बच्चों को मानसिक रूप से सहज रखने और उपचार को आसान बनाने के उद्देश्य से नीकू वार्ड को आधुनिक व मनोरंजक स्वरूप दिया गया है। नीकू वार्ड में बच्चों को पारिवारिक माहौल मिलेगा। इससे बच्चों का उपचार करने में आसानी होगी। - डॉ. सुशीला सैनी, कार्यवाहक सिविल सर्जन।
जिला नागरिक अस्पताल के निक्कू वार्ड में बनाई गई पेंटिंग। संवाद